नीट पेपर लीक पर क्यों चुप थे? इस सवाल पर क्या बोले राघव चड्ढा
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नीट पेपर लीक पर क्यों चुप थे? इस सवाल पर क्या बोले राघव चड्ढा
एंटी-पेपर लीक बिल पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान पंजाब से सांसद राघव चड्ढा ने नीट (NEET) पेपर लीक मुद्दे पर अपनी चुप्पी का कारण स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए सवाल पूछना उनका काम था, लेकिन अब सत्ताधारी दल (ट्रेजरी बेंच) का हिस्सा होने के नाते उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी समस्या का समाधान देना है.
राघव चड्ढा ने प्रदर्शनकारी छात्रों के दर्द और आक्रोश को जायज ठहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिभावक की भांति छात्रों की आवाज सुनी और तंत्र में व्यापक बदलाव किए. उन्होंने बताया कि मामले में महज 75 दिनों के भीतर फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है. साथ ही पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में नीट परीक्षा ओएमआर (OMR) शीट के बजाय कंप्यूटर आधारित (CBT) प्रणाली से आयोजित की जाएगी. उन्होंने विश्वास जताया कि इस सख्त कानून से अपराधियों में इतना खौफ पैदा होगा कि कोई भी पेपर लीक करने की सोच भी नहीं सकेगा.
भाषण के दौरान राजनीतिक जवाबदेही और नैतिकता पर बल देते हुए चड्ढा ने कहा कि पेपर लीक किसी एक राज्य या राजनीतिक दल की समस्या नहीं है, बल्कि यह एक “पैन-इंडिया ऑर्गेनाइज्ड क्राइम” और गंभीर बीमारी है. 19 जुलाई 2026 को पंजाब में हुई फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ से हुई नकल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सभी दलों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इस सख्त कानून का समर्थन करना चाहिए.
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