आम आदमी पार्टी छोड़ते ही राघव चड्ढा के 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हुए कम
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा की फाइल फोटो / (क्रेडिट : आईएएनएस)
आम आदमी पार्टी छोड़ते ही राघव चड्ढा के 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हुए कम
दिल्ली की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला. राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया. इस फैसले के बाद से ही सोशल मीडिया पर उनके फॉलोअर्स की संख्या में गिरावट देखी जा रही है. इसे उनके समर्थकों—खासकर युवाओं—की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है.
डिजिटल दौर में सोशल मीडिया फॉलोअर्स किसी नेता की लोकप्रियता का अहम संकेतक माने जाते हैं. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा में शामिल होने के 24 घंटे के भीतर ही राघव चड्ढा के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में करीब 10 लाख की कमी का आ गई. शुक्रवार को जहां उनके 14.6 मिलियन फॉलोअर्स थे, वहीं शनिवार दोपहर तक यह संख्या घटकर 13.5 मिलियन रह गई. इस दौरान सोशल मीडिया पर #UnfollowRaghavChadha ट्रेंड करने लगा और कई यूजर्स ने उनके फैसले को ‘धोखा’ करार दिया.
एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता अनीश गावंडे ने भी इस गिरावट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इंटरनेट किसी को रातोंरात हीरो बना सकता है और शून्य पर भी ला सकता है. गौरतलब है कि 2 अप्रैल को AAP द्वारा राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद चड्ढा के फॉलोअर्स में बढ़ोतरी देखी गई थी लेकिन अब स्थिति उलट गई है.
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि भाजपा में शामिल होने के बाद चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया से प्रधानमंत्री की आलोचना वाले पुराने पोस्ट हटा दिए हैं. AAP नेता सौरभ भारद्वाज के मुताबिक अब उनकी प्रोफाइल पर प्रधानमंत्री से जुड़े केवल दो पोस्ट बचे हैं जिनमेँ उनकी तारीफ की जा रही है.
युवाओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाने वाले चड्ढा ने पितृत्व अवकाश, गिग वर्कर्स और 10 मिनट डिलीवरी जैसे मुद्दों को उठाकर लोकप्रियता हासिल की थी. हालांकि, उनके हालिया राजनीतिक फैसले ने समर्थकों के एक बड़े वर्ग को निराश किया है. अब देखना होगा कि वे इस “डिजिटल झटके” से कैसे उबरते हैं.
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