बिहार चुनाव : नेता जी को नहीं मिला टिकट तो कुर्ता फाड़ा, सड़क पर लेटे, रो-रोकर सुनाई आपबीती, लगाए गंभीर आरोप….
फोटो क्रेडिट: सोशल मीडिया
बिहार चुनाव : नेता जी को नहीं मिला टिकट तो कुर्ता फाड़ा, सड़क पर लेटे, रो-रोकर सुनाई आपबीती, लगाए गंभीर आरोप….
बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच राजद नेता मदन शाह ने टिकट न मिलने से नाराज होकर राबड़ी आवास के सामने ‘कुर्ता फाड़’ प्रदर्शन किया. उन्होंने राज्यसभा सांसद संजय यादव पर दो करोड़ 70 लाख रुपये लेकर टिकट बेचने का गंभीर आरोप लगाया है. मदन शाह का कहना है कि 1990 से पार्टी से जुड़े होने के बावजूद उन्हें अनदेखा किया गया, जबकि बाहरी व्यक्ति को टिकट दिया गया है.
बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर के जिस तरीके से सरगर्मी में बढ़ रही है, उसी प्रकार तरह-तरह की खबरें भी सामने आ रही है. चाहे कोई भी राजनीतिक दल हो, टिकट वितरण में गड़बड़ी के आरोप से वह अछूता नहीं है.
ताजा मामला आरजेडी से जुड़ा हुआ है, जहां टिकट नहीं मिलने पर नाराज आरजेडी के कार्यकर्ता और नेता मदन शाह ने राबड़ी आवास के सामने कुर्ता फाड़ प्रदर्शन किया. मदन साहब ने आरोप लगाया कि राज्यसभा सांसद संजय यादव ने टिकट की दलाली की है.
🚨Political Drama outside the residence of Rabri Devi in Patna where a RJD candidate Madan Shah was seen tearing his clothes and crying while sitting on road.
Madan Shah alleged that RJD MP and Tejashwi Yadav’s closet aide Sanjay Yadav has demanded ₹2.7 crore from him in… pic.twitter.com/UZbL1JEYcf
— Amitabh Chaudhary (@MithilaWaala) October 19, 2025
दरअसल हिंदी फिल्म का एक गाना है, मैं लैला लैला चिल्लाऊंगा कुर्ता फाड़ के.. गाना तो बिल्कुल मदन शाह पर सटीक बैठ रहा है, लेकिन यहां लैला के बदले टिकट है. दरअसल पूर्वी चंपारण के मधुबन विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मदन शाह पूर्व सीएम राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुंचे थे. वहां मदन शाह आरजेडी का टिकट नहीं मिलने से नाराज थे. इस दौरान उन्होंने कुर्ता फाड़ कर, सड़क पर लेट कर अपने विरोध को दर्ज कराया है.
रावड़ी आवास के सामने बेतहाशा रो रहे मदन शाह ने कहा कि मुझे कहा गया कि दो करोड़ 70 लाख रुपए लाकर के दो, मैं बर्बाद हो गया. मेरे दो बेटे बेटियां हैं. मैंने किसी की शादी नहीं की है. चोरी करके टिकट बेच दिया गया. मदन शाह का यह भी कहना था 2020 का चुनाव में लड़ा था. 2000 वोटो से मैं चुनाव हार गया था. संजय यादव हरियाणा से आया है और टिकट बेचता है. मदन यादव का यह भी कहना था कि वह 1990 से ही राजद से जुड़े हुए हैं.
बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर के राजनीतिक तापमान एकदम चरम पर है. पहले चरण के चुनाव को लेकर के नामांकन का वक्त भी खत्म हो चुका है. अभी दूसरे चरण के नामांकन को लेकर के प्रक्रिया जारी है. इस बीच राजनीति के नए-नए रंग देखने को खूब मिल रहे हैं.
