नागरिकता संशोधन अधिनियम लागू होने पर विपक्षी दलों ने दी प्रतिक्रिया, जानिए क्या बोली कांग्रेस, क्या कहा अखिलेश यादव ने

Akhilesh Yadav 3 (1)
The Hindi Post

देश में आज से नागरिकता संशोधन अधिनियम यानि CAA लागू हो गया है. इसके तहत मुस्लिम समुदाय को छोड़कर तीन मुस्लिम बहुल पड़ोसी मुल्कों से आने वाले बाकी धर्मों के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है. यह तीन देश है – बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान.

अब CAA लागू होने पर विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा, “दिसंबर 2019 में संसद द्वारा पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम के नियमों को अधिसूचित करने में मोदी सरकार को चार साल और तीन महीने लग गए. प्रधानमंत्री दावा करते हैं कि उनकी सरकार बिल्कुल प्रोफेशनल ढंग से और समयबद्ध तरीके से काम करती है. सीएए के नियमों को अधिसूचित करने में लिया गया इतना समय प्रधानमंत्री के सफेद झूठ की एक और झलक है.”

उन्होंने आगे लिखा, “नियमों की अधिसूचना के लिए नौ बार एक्सटेंशन मांगने के बाद घोषणा करने के लिए जानबूझकर लोकसभा चुनाव से ठीक पहले का समय चुना गया है. ऐसा स्पष्ट रूप से चुनाव को ध्रुवीकृत करने के लिए किया गया है, विशेष रूप से असम और बंगाल में. यह इलेक्टोरल बांड घोटाले पर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार और सख्ती के बाद हेडलाइन को मैनेज करने का प्रयास भी प्रतीत होता है.”

वही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मामले पर ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, “जब देश के नागरिक रोजी-रोटी के लिए बाहर जाने पर मजबूर हैं तो दूसरों के लिए ‘नागरिकता क़ानून’ लाने से क्या होगा? जनता अब भटकावे की राजनीति का भाजपाई खेल समझ चुकी है. भाजपा सरकार ये बताए कि उनके 10 सालों के राज में लाखों नागरिक देश की नागरिकता छोड़ कर क्यों चले गए. चाहे कुछ हो जाए कल ‘इलेक्टोरल बांड’
का हिसाब तो देना ही पड़ेगा और फिर ‘केयर फ़ंड’ का भी.”

हिंदी पोस्ट वेब डेस्क

 


The Hindi Post

You may have missed

error: Content is protected !!