राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ अमेरिकी लोगों में आक्रोश, बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फाइल फोटो (आईएएनएस)
राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ अमेरिकी लोगों में आक्रोश, बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन
वाशिंगटन | राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन (इमीग्रेशन) और विदेश नीति के खिलाफ अमेरिका के लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है. इसी क्रम में पूरे अमेरिका में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए. हजारों लोग ‘नो किंग्स’ के बैनर तले एकजुट हुए और राष्ट्रपति की नीतियों के खिलाफ अपना आक्रोश दिखाया.
आयोजकों ने बताया कि ये प्रदर्शन एक सुनियोजित राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा थे. इसके तहत पूरे देश में 3,000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. सेंट पॉल स्थित मिनेसोटा स्टेट कैपिटल में हुई मुख्य रैली में सबसे अधिक भीड़ जुटी, जिसमें अनुमान के मुताबिक 2 लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया.
प्रदर्शनकारियों ने मार्च निकाला, नारे लगाए और ट्रंप प्रशासन की आलोचना करने वाले पोस्टर-बैनर लहराए. उनका खास निशाना प्रशासन की आव्रजन से जुड़ी सख्त कार्रवाई और ईरान के साथ चल रहे विवाद में उसकी (अमेरिका) भूमिका थी. कई शहरों में प्रदर्शनकारी मुख्य सड़कों पर कतार बनाकर खड़े हो गए, जबकि कुछ लोग सार्वजनिक चौराहों पर इकट्ठा होकर एक साथ नारे लगाते हुए और तख्तियां लहराते हुए विरोध जता रहे थे.
सेंट पॉल (मिनेसोटा) में हुई रैली इस दिन का सबसे अहम कार्यक्रम था. इसमें कई जाने-माने राजनेता और मशहूर सांस्कृतिक हस्तियां शामिल हुईं. गवर्नर टिम वॉल्ज ने भीड़ को संबोधित किया और सिंगर ब्रूस स्प्रिंगस्टीन का परिचय कराया जिन्होंने इस मौके पर एक गीत भी गाया. सीनेटर बर्नी सैंडर्स, जोन बेज, मैगी रोजर्स और जेन फोंडा जैसी कई अन्य जानी-मानी हस्तियां भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं.
न्यूयॉर्क, वाशिंगटन, लॉस एंजिल्स, शिकागो और सैन फ्रांसिस्को जैसे बड़े शहरों में हजारों प्रदर्शनकारियों ने हिस्सा लिया. प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए, शहर के मुख्य इलाकों में मार्च निकाला और सरकारी इमारतों के बाहर रैलियां आयोजित कीं.
🚨 Look at this.
Aerial footage of Philadelphia right now.
This is the No Kings protest. Peaceful. Massive. Organized.This is not fringe. This is not outside agitators.
This is Americans who voted, pay taxes, send their kids to school, and have watched for months. pic.twitter.com/78QvYRXBVc
— Brian Allen (@allenanalysis) March 28, 2026
प्रदर्शनकारियों ने अपनी विभिन्न मांगें रखीं जिनमें आव्रजन नीतियों का विरोध, आर्थिक मुद्दे और प्रशासन की व्यापक आलोचना शामिल थी.
लॉस एंजिल्स में सिटी हॉल के बाहर इकट्ठा होने के बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने शहर की सड़कों पर मार्च निकाला. ह्यूस्टन में, प्रदर्शनकारी शहर के मुख्य इलाके से होते हुए अमेरिकी संविधान की एक विशाल प्रतिकृति (कॉपी) लेकर निकले. आयोजकों के मुताबिक, यह लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का एक प्रतीकात्मक प्रदर्शन था. कुछ प्रदर्शनों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, भाषण और अमेरिकी संविधान की प्रतिकृति लेकर चलने जैसे प्रतीकात्मक कार्य भी शामिल थे.
एक प्रतिनिधि जॉन लार्सन ने कहा, “आज हम यहां यह कहने के लिए इकट्ठा हुए हैं कि अमेरिका में कोई राजा नहीं होता.” उन्होंने प्रशासन की ओर से सत्ता के दुरुपयोग पर चेतावनी देते हुए आगे कहा, “अगर हम, यानी आम लोग एकजुट रहें और अपनी आवाज उठाते रहें तो हमें कोई हरा नहीं सकता.”
सीनेटर क्रिस्टिन गिलिब्रैंड ने कहा कि अमेरिका में हम किसी राजा के सामने सिर नहीं झुकाते.
उन्होंने कहा, “हमारे राष्ट्रपति को किराने के सामान की कीमतें कम करने, स्वास्थ्य सेवा को किफायती बनाने और यह सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए कि हर परिवार आगे बढ़ सके, न कि अपनी स्थिति का इस्तेमाल अपने निजी ब्रांड को चमकाने के लिए करना चाहिए. अब समय आ गया है कि हम इस प्रतिबंध को लागू करें और यह सुनिश्चित करें कि हमारी सरकार लोगों की सेवा करे, न कि किसी एक व्यक्ति के अहंकार की.”
सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने कहा, “आज 2026 में हमारा संदेश है, अब और कोई राजा नहीं. हम इस देश को तानाशाही की ओर नहीं जाने देंगे. अमेरिका में हम लोग (जनता) ही शासन करेंगे.”
IANS
राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों के खिलाफ अमेरिका में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन, शहर-शहर सड़कों पर उतरे लोग
