मानवता शर्मसार : पुलिसवालों ने रात के अंधेरे में शव को अपने क्षेत्र से उठवाकर दूसरे पुलिस क्षेत्र में फेंकवाया, हुई कार्रवाई, VIDEO
वायरल वीडियो से लिया गया स्क्रीनग्रैब
मानवता शर्मसार : पुलिसवालों ने रात के अंधेरे में शव को अपने क्षेत्र से उठवाकर दूसरे पुलिस क्षेत्र में फिकवाया, हुई कार्रवाई, VIDEO
यूपी के मेरठ से एक शर्मनाक मामला सामने आया है. दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दो पुलिसकर्मी एक बाइक के पास खड़े हुए दिख रहे है. इसी दौरान वहां एक ई-रिक्शा आता है. इसमें एक शव रखा होता है. पुलिसकर्मी शव को एक दुकान के बाहर उतरवाते हैं और इसके तुरंत बाद सभी वहां से चले जाते है.
यह घटना 4-5 दिसंबर की रात करीब 1:50 बजे की बताई जा रही है. अगली सुबह दुकान के सामने अज्ञात शव मिलने पर दुकानदार 112 पर सूचना देता है. पुलिस आती है और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज देती है. जब इस एरिया के CCTV फुटेज देखे गए तो बड़ा खुलासा हुआ. फुटेज में साफ दिख रहा है कि शव को एक दुकान के बाहर छोड़ दिया जाता है.
उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस का शर्मनाक रवैया-
मेडिकल पुलिस को एक शव मिला तो थाने इंचार्ज ने उसे रिक्शे से दूसरे थाना क्षेत्र में फेंकवा दिया. CCTV से बात सामने आई।
सोचें ऐसे पुलिस से हम ईमानदार एनकाउंटर की उम्मीद करते हैं?दोषी पुलिस सस्पेंड कर दिए गए हैं। pic.twitter.com/QSZqJ8giYv
— Narendra Nath Mishra (@iamnarendranath) December 6, 2025
जांच में पता चला कि शव फेंकने की कार्रवाई नौचंदी थाने के एल ब्लॉक चौकी में तैनात सिपाही राजेश कुमार और होमगार्ड रोहतास ने की. आरोप है कि उन्होंने पंचनामा व पोस्टमार्टम की प्रक्रिया से बचने के लिए शव को अपने थाना क्षेत्र से बाहर फेंकवा दिया. कहा जा रहा है कि यह कदम चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार के निर्देश पर उठाया गया था.
घटना सामने आने के बाद चौकी इंचार्ज और सिपाही राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है. होमगार्ड रोहतास पर कार्रवाई के लिए कमांडेंट को पत्र भेजा गया है. एसएसपी विपिन ताडा ने बताया कि शव की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है और मामले की जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है.
लोहियानगर थाना क्षेत्र में शव को नियमानुसार कार्यवाही न करने और लापरवाही बरतने पर एल-ब्लॉक चौकी प्रभारी जितेन्द्र, आरक्षी राजेश व होमगार्ड रोहताश को निलंबित किया गया है।#MeerutPolice#UPPolice pic.twitter.com/sKWgpEd2hN
— MEERUT POLICE (@meerutpolice) December 6, 2025
वही पुलिसकर्मियों ने सफाई देते हुए दावा किया कि व्यक्ति नशे की हालत में सड़क पर मिला था इसलिए उसे दुकान के बाहर लिटा दिया गया था. हालांकि CCTV फुटेज ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं. घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
पुलिस का कहना है कि यदि जांच में और लोग शामिल पाए गए तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
