ममता बनर्जी ने खोया आपा ! अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता को जड़ा थप्पड़, सामने आया VIDEO
फोटो: आईएएनएस
ममता बनर्जी ने खोया आपा ! अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता को जड़ा थप्पड़, सामने आया VIDEO
कोलकाता | पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बारुईपुर में नाबालिग से कथित दुष्कर्म और हत्या के विरोध में बुधवार को आयोजित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रदर्शन के दौरान अपना आपा खो दिया. प्रदर्शन के दौरान मची अफरा-तफरी के बीच उन्होंने कथित तौर पर एक पार्टी कार्यकर्ता को थप्पड़ मार दिया.
बारुईपुर की घटना के विरोध में टीएमसी ने कलकत्ता हाई कोर्ट की अनुमति के बाद दक्षिण कोलकाता के बालीगंज फाड़ी से हाजरा मोड़ तक विरोध मार्च निकाला. मार्च शुरू होते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया. प्रदर्शन के दौरान “चोर-चोर” के नारे लगे और भाजपा तथा टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच कथित तौर पर हल्की झड़प भी हुई. टीएमसी ने आरोप लगाया कि उसके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई.
इसके बाद ममता बनर्जी अपने कालीघाट स्थित आवास से बाहर आईं. वहां बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद थे. भीड़ को शांत कराने की कोशिश के दौरान जब अफरा-तफरी बढ़ गई तो उन्होंने गुस्से में कथित तौर पर एक पार्टी कार्यकर्ता को सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मार दिया.
#Kolkata
West Bengal Former CM #MamataBanerjee appeared to slap a man during a TMC protest after he approached her while trying to manage the crowd and clear a path. The man is reported to be associated with the party. pic.twitter.com/opXCsHIykU— Smriti Sharmaa (@SmritiSharma_) July 8, 2026
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद ममता बनर्जी मानसिक रूप से अस्थिर हो गई हैं. उन्होंने दावा किया कि वह अब तक जनता के फैसले को स्वीकार नहीं कर पाई हैं.
वहीं, ममता बनर्जी ने अपने आवास से बाहर आकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए और बारुईपुर में प्रदर्शन कर रहे लोगों को “दंगाई” करार दिया. उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं ने हाई कोर्ट की अनुमति से शांतिपूर्ण मार्च निकाला था और सभी को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार है.
ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने उनके आवास के बाहर हंगामा किया और टीएमसी कार्यकर्ताओं खासकर महिलाओं के साथ अभद्रता की. उन्होंने दावा किया कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और सुरक्षा देने में विफल रही. उन्होंने कहा कि वह स्वयं महिलाओं को बचाने के लिए घर से बाहर निकलीं थी और उन्होंने कई महिलाओं को घायल अवस्था में देखा.
ममता बनर्जी ने कहा कि वह भाजपा को नहीं, बल्कि पुलिस को जिम्मेदार मानती हैं. उनके अनुसार, पुलिस की जिम्मेदारी थी कि वह प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती और विरोध मार्च में बाहरी लोगों को प्रवेश नहीं करने देती. उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता है और हाई कोर्ट के आदेश की भावना के भी विपरीत है.
By IANS
