“मुझे रोकना है तो पहले मारना होगा…”, किस पर भड़की ममता बनर्जी

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फोटो क्रेडिट: आईएएनएस

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“मुझे रोकना है तो पहले मारना होगा…”, किस पर भड़की ममता बनर्जी

 

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर गहराए सियासी संकट के बीच ममता बनर्जी ने बागी नेताओं पर चौतरफा हमला बोला है. उन्होंने बागियों को साफ शब्दों में ललकारते हुए कहा कि अगर उन्हें रोकना है, तो पहले उन्हें मारना होगा. इन नेताओं को ‘गद्दार’ करार देते हुए ममता ने दावा किया कि पार्टी का चुनाव चिह्न कहीं नहीं जाने वाला और वह उनके नेतृत्व वाले मूल गुट के पास ही सुरक्षित रहेगा.

ममता बनर्जी ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें बागी गुट की ओर से पार्टी में सलाहकार बनने का प्रस्ताव मिला था, जिसे उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया है और वह किसी भी परिस्थिति में उनके साथ नहीं जाएंगी. उन्होंने आरोप लगाया कि कई नेता विभिन्न दबावों के कारण पार्टी छोड़कर गए हैं लेकिन वह भाजपा या किसी अन्य शक्ति के सामने घुटने नहीं टेकेंगी और न ही उनकी पार्टी ऐसा करेगी.

तृणमूल भवन और संपत्ति पर कब्जे का विवाद

पार्टी कार्यालय (तृणमूल भवन) पर बागी गुट के दावे और कब्जे के मुद्दे पर ममता ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि यह कार्यालय किराये पर लिया गया था जिसका लीज समझौता अक्टूबर 2027 तक वैध है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि किसी व्यक्ति विशेष के पार्टी छोड़ देने से संस्था समाप्त नहीं हो जाती और न ही कोई संगठन की संपत्ति पर जबरन कब्जा कर सकता है.

2026 के विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए उन्होंने बागी विधायकों की निष्ठा पर गंभीर सवाल उठाए. ममता ने पूछा कि जिन उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों पर उन्होंने खुद हस्ताक्षर किए थे, वे चुनाव के महज दो महीने के भीतर ही ‘गद्दार’ कैसे बन गए? उन्होंने साफ किया कि तृणमूल कांग्रेस की विचारधारा पूरी तरह भाजपा के खिलाफ है, इसलिए भाजपा के पाले में खड़े होकर पार्टी पर अधिकार का दावा नहीं किया जा सकता.

राष्ट्रीय और बंगाल इकाई की कमान अब ममता के हाथ

चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे के बाद ममता बनर्जी ने संगठन को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया है. उन्होंने राष्ट्रीय और बंगाल इकाई दोनों की कमान खुद संभालने की घोषणा की है. इसके साथ ही उन्होंने एलान किया कि अब से उनके आवास स्थित कार्यालय को ही तृणमूल कांग्रेस का मुख्य मुख्यालय (केंद्रीय कार्यालय) माना जाएगा, जहां से आगे की सभी राजनीतिक गतिविधियां संचालित होंगी.

 

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