बंगाल एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, टीएमसी नेता के तालाब से हथियारों का जखीरा बरामद

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फोटो: आईएएनएस

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बंगाल एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, टीएमसी नेता के तालाब से हथियारों का जखीरा बरामद

 

कोलकाता | उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में शनिवार सुबह पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने तृणमूल कांग्रेस के एक नेता के तालाब में छिपाकर रखे गए हथियारों और कारतूसों का बड़ा जखीरा बरामद किया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

गुप्त सूत्र से मिली जानकारी के आधार पर एसटीएफ के जांचकर्ताओं ने शनिवार सुबह उस इलाके में छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया. तलाशी के दौरान अधिकारियों को तालाब से हथियारों का जखीरा मिला. हालांकि, तालाब के मालिक, टीएमसी नेता और पार्टी के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष रॉबिन दास और उनके भाई गोपाल दास इलाके से फरार हो गए हैं.

जांचकर्ता संदेशखाली में दास बंधुओं के घर पहुंचे. बताया जाता है कि ये दोनों गिरफ्तार टीएमसी नेता शेख शाहजहां के काफी करीबी हैं. छापेमारी के दौरान उनके घर और आसपास के इलाके की भी तलाशी ली गई.

बताया जा रहा है कि उस समय भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए. माना जा रहा है कि इलाके में अशांति फैलाने के मकसद से ये हथियार जमा किए गए थे. खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग जमा होने लगे.

इस ऑपरेशन के दौरान एसटीएफ के साथ केंद्रीय पुलिस बल के जवान भी मौजूद थे. हथियार बरामद होने के बाद पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान अभी भी जारी है. इन दोनों भाइयों पर लंबे समय से स्थानीय निवासियों, जिनमें भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल हैं, के साथ अत्याचार करने के आरोप लगते रहे हैं. पुलिस आरोपी टीएमसी नेता और उनके भाई की तलाश कर रही है.

हथियार मिलने के बाद भाजपा ने टीएमसी पर अपना हमला तेज कर दिया है. भाजपा विधायक सजल घोष ने कहा, “पहले तालाब से मछलियां निकलती थीं. अगर टीएमसी न होती, तो मुझे पता ही नहीं चलता कि गोलियां, बम और बंदूकें भी निकल सकती हैं. वे सचमुच दुनिया का नौवां अजूबा हैं.”

भाजपा नेता ने आगे कहा, “हर दिन यह साबित हो रहा है कि वे पश्चिम बंगाल राज्य को बर्बादी की कगार पर ले गए. अगर चुनाव के नतीजे अलग होते और टीएमसी जीत जाती, तो ये हथियार तालाब में नहीं होते. आम लोगों पर इन हथियारों से हमला किया जाता. मैं सरकार से अपील करूंगा कि इन तृणमूल नेताओं को गिरफ्तार होने के बाद एक दिन के लिए भी जेल से बाहर न आने दिया जाए.”

By IANS

 


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