15 साल पुराने दोस्त का मर्डर करने के लिए बुर्का पहन कर पहुंचा शख्स, फिर दिया वारदात को अंजाम, पुलिस ने खोला मर्डर केस
15 साल पुराने दोस्त का मर्डर करने के लिए बुर्का पहन कर पहुंचा शख्स, फिर दिया वारदात को अंजाम, पुलिस ने खोला मर्डर केस
यूपी के कानपुर में डाटा एक्सपर्ट फ्रेंचाइजी के संचालक प्रकाश चंद्र गुप्ता की हत्या का खुलासा हो गया है. हत्या उसके 15 साल पुराने दोस्त ने चेन और ब्रेसलेट के लालच में की थी. इसके लिए वह बुर्का पहनकर कोचिंग पहुंचा और गूंगा होने का नाटक करते हुए पर्ची पर किसी के एडमिशन की बात लिखी. मौका मिलते ही उसने प्रकाश की हत्या कर दी और चेन-ब्रेसलेट लेकर फरार हो गया. पुलिस ने करीब 500 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
यशोदानगर के ब्लॉक के रहने वाले 47 वर्षीय प्रकाश चंद्र गुप्ता नवाबगंज के आजाद नगर स्थित प्रेमकुंज अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर में 10 साल से डाटा एक्सपर्ट की कोचिंग चला रहे थे. भाई विकास के मुताबिक बीते रविवार शाम को उन्होंने कॉल की तो प्रकाश ने कहा कि आईपीएल का फाइनल मैच है. वह कोचिंग में ही मैच देखेंगे. रात में घर नहीं आएंगे. सोमवार सुबह कोचिंग में पढ़ाने वाली शिक्षिका पहुंची तो भाई का शव पड़ा था. नाक, मुंह से खून निकल रहा था और आंख में चोट के निशान थे. उनका मोबाइल, सोने की चेन व ब्रेसलेट गायब था. पोस्टमार्टम में हत्या की वजह स्पष्ट न होने से पुलिस भी हादसा मानकर चल रही थी.
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगालने पर पुलिस को बुर्का पहनकर इधर-उधर टहलते युवती दिखी. उसकी चाल देखकर शक हुआ तो और कैमरे खंगाले गए. इसके बाद पुलिस नवाबगंज आजाद नगर के रहने वाले मोहित द्विवेदी तक पहुंची और उसे हिरासत में लिया. पूछताछ में मोहित ने बताया कि सभी दोस्त ट्रिप पर मध्य प्रदेश खजुराहो गए थे. वहां प्रकाश ने उसे अपनी चेन और ब्रेसलेट दिखाया था. करीब 10 लाख का सोना देख उसके मन में लालच आ गया और उसने एक महीने पहले हत्या की साजिश रची. इसके लिए मेस्टन रोड से बुर्का, लेडीज चप्पल खरीदकर लाया. वह चेन और ब्रेसलेट छीनकर भागना चाहता था लेकिन हाथापाई होने लगी. इस वजह से मजबूरी में मारना पड़ा. डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
प्रकाश चंद्र गुप्ता की हत्या को तकरीबन हादसा मान चुकी पुलिस को एक इशारे ने आरोपी तक पहुंचा दिया. दरअसल, ब्रेसलेट और चेन के लिए कोचिंग संचालक दोस्त की हत्या करने वाला मोहित द्विवेदी बुर्का पहनकर कोचिंग पहुंचा था. इतना ही नहीं पूरे रास्ते में भी वह बुर्का पहने रहा और गूंगा बनकर यात्रा की. ऑटो वालों को चिट देकर कोचिंग का पता बताया था. पुलिस ने जब कैमरे खंगाले तो बुर्का पहने एक महिला कई कैमरों में नजर आई. गौर से देखने पर उसकी चाल मर्दाना लगी तो पुलिस ने और गहराई से जांच शुरू की. एक जगह पर उसकी कार भी कैमरे में कैद हुई, जिसमें वह बुर्का उतारते हुए नजर आया. पुलिस ने कार नंबर के आधार पर आरोपी को धर दबोचा.
प्रकाश चंद्र गुप्ता और मोहित द्विवेदी की 15 साल पुरानी दोस्ती थी. एक वक्त था जब दोनों प्रेमकुंज अपार्टमेंट में कोचिंग चलाते थे. प्रकाश नीचे जबकि मोहित ऊपर वाले फ्लोर पर कोचिंग चलाता करता था. साथ उठना बैठना, खानापीना भी होता था. यहां तक कि दोनों मैच पर सट्टा भी साथ लगाते थे. 15 साल पुराने दोस्त को मोहित मारना भी चाहता था लेकिन उसके सामने भी नहीं आना चाहता था. इसके लिए उसने बुर्के का सहारा लिया. चेहरा बुर्के में छिप गया, हाथ का कलावा लॉन्ग ग्लब्स में छिपाया, पैर में पिंक चप्पल भी पहनी लेकिन मर्दाना चाल नहीं छिपा सका.
आयुक्त रघुबीर लाल के मुताबिक कि मार्च 2026 में होली के समय प्रकाश चार दोस्तों के साथ खजुराहो गया था. मोहित भी साथ था. वहीं प्रकाश ने अपनी ब्रेसलेट और चेन दोस्तों को दिखाई थी. बताया था कि दोनों को वजन सात से आठ तोला है. यहीं पर मोहित की नीयत डोल गई. इसके लिए उसने क्राइम पेट्रोल के सीरियल देखकर वारदात को सावधानी से अंजाम देना सीखा.
