मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर राहुल गांधी और कांग्रेस को क्या आपत्ति हैं? विपक्ष भी क्यों उठा रहा सवाल
नई दिल्ली | कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के रूप में ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं. जिस तरह से सोमवार देर रात सीईसी की नियुक्ति की घोषणा की गई, उन्होंने इसे अपमानजनक और गलत बताया हैं.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के कारण राहुल गांधी उस तीन सदस्यीय समिति का हिस्सा है जो मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति करती हैं.
राहुल गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट पर लिखा, “अगले चुनाव आयुक्त के चयन के लिए हुई समिति की बैठक में मैंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को एक असहमति पत्र सौंपा. इस पत्र में कहा गया हैं कि चुनाव आयुक्त और मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन की प्रक्रिया स्वतंत्र होनी चाहिए ताकि चुनाव आयोग पर किसी तरह का कार्यकारी हस्तक्षेप न हो.“
राहुल ने कहा, “प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने चयन समिति से भारत के मुख्य न्यायाधीश को हटाकर और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए जो कदम उठाया, वह करोड़ों भारतीय मतदाताओं की चिंता बढ़ाने वाला है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा हो जाता है.”
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा, “विपक्ष के नेता के रूप में मेरा यह कर्तव्य है कि मैं बाबासाहेब अंबेडकर और हमारे राष्ट्र निर्माताओं के सिद्धांतों का पालन करूं और सरकार की गलतियों को उजागर करूं. प्रधानमंत्री और गृह मंत्री द्वारा आधी रात को नया मुख्य चुनाव आयुक्त चुनने का निर्णय न केवल अपमानजनक है, बल्कि यह गलत भी है, खासकर जब सर्वोच्च न्यायालय में इस समिति की संरचना और प्रक्रिया पर 48 घंटे के भीतर सुनवाई होने वाली है.”
गौरतलब है कि सीईसी का चयन (नए नियम के अनुसार) करने वाली तीन सदस्यीय समिति के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं, जबकि एक कैबिनेट मंत्री (वर्तमान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह) और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष इसके अन्य सदस्य होते हैं. पहले कैबिनेट मंत्री की जगह भारत के मुख्य न्यायाधीश इसके सदस्य होते थे लेकिन 2023 में समिति की संरचना में बदलाव कर दिया गया. अब मुख्य न्यायाधीश इस समिति के सदस्य नहीं हैं.
बता दें, कि ज्ञानेश कुमार को अगला मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) नियुक्त किया गया है. कानून मंत्रालय ने इस संबंध में सोमवार देर रात अधिसूचना जारी की थी. बुधवार को ज्ञानेश कुमार ने पदभार संभल लिया.
इससे पहले सोमवार शाम दिल्ली में चयन समिति की बैठक हुई थी जिसमें बहुमत से ज्ञानेश कुमार को सीईसी नियुक्त करने का फैसला लिया गया था. साथ ही हरियाणा के मुख्य सचिव विवेक जोशी को भारतीय निर्वाचन आयोग का सदस्य बनाया गया था. सुखबीर सिंह संधू आयोग के तीसरे सदस्य हैं. मौजूदा सीईसी राजीव कुमार के कार्यकाल का आखिरी दिन 18 फरवरी था. वह अब रिटायर हो गए हैं.
