न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ ने भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली
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नई दिल्ली | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ को भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई. जस्टिस चंद्रचूड़ देश के 50वें मुख्य न्यायाधीश बन गए है.
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में शपथ ली. इस दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कानून मंत्री किरेन रिजिजू, भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश यू.यू. ललित, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.
11 अक्टूबर को भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश यू.यू. ललित ने जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़, जो सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश है, उनको अपने उत्तराधिकारी के रूप में चुना था. जस्टिस ललित 8 नवंबर को सेवानिवृत्त हो गए.
पूर्व मुख्य न्यायाधीश के बेटे है डी.वाई. चंद्रचूड़
जस्टिस चंद्रचूड़ सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज वाई.वी. चंद्रचूड़ के पुत्र है. वाई.वी. चंद्रचूड़ लगभग सात साल और चार महीने (1978 -1985 ) के लिए देश के मुख्य न्यायधीश रहे थे.
अपने कार्यकाल के दौरान, न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ ने अपने पिता के दो फैसलों को पलट दिया था – जो व्यभिचार और निजता के अधिकार से संबंधित थे.
उन्होंने कोविड के समय में वर्चुअल सुनवाई शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जो अब एक स्थायी विशेषता बन गई है. वह अयोध्या टाइटल विवाद, समलैंगिकता के अपराधीकरण, व्यभिचार, निजता, सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश आदि पर ऐतिहासिक निर्णयों का हिस्सा रहे हैं.
मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने कहा से की है पढ़ाई?
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने हार्वर्ड लॉ स्कूल से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की. उन्होंने सेंट स्टीफंस कॉलेज, नई दिल्ली से अर्थशास्त्र में ऑनर्स के साथ बीए पास किया और कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की. उन्होंने 1998 से 2000 तक भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में भी कार्य किया. उन्हें पहली बार 29 मार्च, 2000 को बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था. 13 मई, 2016 को उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था. जस्टिस चंद्रचूड़ ने बॉम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस की है.
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने 31 अक्टूबर, 2013 से सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में अपनी पदोन्नति तक इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी कार्य किया है.
IANS
