यूपीआई पेमेंट हुआ फेल तो वेंडर ने यात्री का कॉलर पकड़ कर घसीटा, महज समोसे के लिए बेचनी पड़ी….., VIDEO
वायरल वीडियो से लिया गया स्क्रीनग्रैब
यूपीआई पेमेंट हुआ फेल तो वेंडर ने यात्री का कॉलर पकड़ कर घसीटा, महज समोसे के लिए बेचनी पड़ी….., VIDEO
मध्य प्रदेश के जबलपुर रेलवे स्टेशन से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों को हैरान कर दिया है. यहां एक यात्री को मात्र समोसे के पैसे को लेकर ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा कि उसे अपनी घड़ी तक बेचनी पड़ी. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया और आरोपी वेंडर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई.
जानकारी के अनुसार, यह मामला 17 अक्टूबर का है. बताया जा रहा है कि एक यात्री ने ट्रेन में समोसा विक्रेता से समोसे खरीदे थे और भुगतान के लिए ‘फोनपे’ से पैसे भेजने की कोशिश की, लेकिन नेटवर्क की दिक्कत के कारण भुगतान नहीं हो सका. इस दौरान ट्रेन चलने लगी, तो यात्री ने कहा कि वह बाद में भुगतान कर देगा लेकिन समोसा विक्रेता ने उसका कॉलर पकड़ लिया और उसे रोके रखा.
विवाद बढ़ता देख यात्री ने घबराहट में अपनी घड़ी उतारकर वेंडर को दे दी ताकि वह ट्रेन पकड़ सके. पूरी घटना किसी यात्री ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया.
मध्य प्रदेश के जबलपुर रेलवे स्टेशन पर एक यात्री ट्रेन से उतरा और उसने वेंडर से समोसे लिए, तभी उसकी UPI फेल हो गई तो
उसने समोसे लेने को मना किया, वेंडर ने उसे पकड़ लिया तब तक उसकी ट्रेन छूटने लगी, फिर
यात्री ने अपनी घड़ी वेंडर को दी तब ट्रेन में बैठा।
— Jaiky Yadav (@JaikyYadav16) October 19, 2025
वीडियो वायरल होने के बाद DRM जबलपुर ने तुरंत मामले की जांच के आदेश दिए. जांच में पुष्टि हुई कि यह घटना सत्रह अक्टूबर को जबलपुर रेलवे स्टेशन पर हुई थी. आरोपी वेंडर की पहचान कर ली गई है और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है.
DRM कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि ‘घटना रेलवे की छवि के खिलाफ है. आरोपी वेंडर का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया गया है. रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यदि किसी प्रकार की अवैध वसूली या अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़े तो तत्काल रेलवे हेल्पलाइन 139 या RPF हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं. यह घटना न केवल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर सवाल उठाती है बल्कि यह भी दिखाती है कि छोटी-सी चूक भी यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है
