संभल में अब स्थिति कैसी है?, कमिश्नर आंजनेय सिंह ने बताया

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The Hindi Post

संभल | उत्तर प्रदेश के संभल में मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में कई लोगों की मौत हो गई है. इस बीच मुरादाबाद के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने संभल की स्थिति को लेकर बयान दिया है.

मुरादाबाद के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने सोमवार को पत्रकार के एक सवाल के जवाब में कहा कि संभल में स्थिति एकदम शांत है. दुकानें भी खुली हुई हैं. जिस जगह पर उपद्रव हुआ वहां कुछ दुकानें बंद हैं. बाकी बाहर स्थिति नॉर्मल है. अब किसी तरीके का कोई तनाव नहीं है. सब जगह पुलिस की मौजूदगी है. स्थिति कंट्रोल में है और सामान्य होती जा रही है. हमें पूरी उम्मीद है कि स्थिति अब लगातार सामान्य ही होती जाएगी. पुलिस सबूतों के अनुरूप कार्रवाई कर रही है. अभी तक कई एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं. सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक के बेटे पर उकसाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है. आगे की जांच जारी है. सीसीटीवी कैमरे चेक किए जा रहे हैं.

इसके अलावा उन्होंने कहा कि मस्जिद में कोर्ट के आदेश पर सर्वे हो रहा था. रविवार को दूसरी बार सर्वे होने जा रहा था. कोर्ट में सभी को अपनी बात कहने का अवसर उपलब्ध था. ऊपरी अदालत में भी बात करने का अवसर उपलब्ध था. इसके बावजूद वहां का माहौल बिगाड़ने का प्रयास हुआ.

उन्होंने कहा, “हिंसा में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. सभी के खिलाफ कड़ी करवाई करेंगे. हम उनके ऊपर भी नजर बनाए हुए हैं जो इस मामले में अफवाह फैला रहे हैं. मस्जिद पर पथराव करके मस्जिद को क्षति पहुंचाने की कोशिश करने वालों को भी हम चिन्हित कर रहे हैं. इन सारे मामलों में जहां जहां भी उकसावे की बात आएगी वहां पर हम कार्रवाई करेंगे.”

इसके अलावा उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि अभी तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. चारों का पोस्टमार्टम हो चुका है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया देशी बंदूक से गोली लगने की बात सामने आई है. इसकी पड़ताल आगे भी होगी. इसमें पुलिस जांच करेगी. मजिस्ट्रियल जांच के भी आदेश दिए जा चुके हैं. जैसे-जैसे आगे साक्ष्य मिलते जाएंगे हम कड़ी कार्रवाई करते जाएंगे. हमारे पास एनएसए लगाने का भी प्रावधान है.”

उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान सुरक्षा पूरी थी और अब भी पूरी है. नए लड़कों को उकसाकर ये काम करवाया गया है. जो लोग वहां इकट्ठा हुए थे वो ना तो स्टूडेंट थे और ना किसान थे. मस्जिद का सर्वे अदालत के आदेश पर कराया जा रहा था और हम सुरक्षा मुहैया करा रहे थे. पुलिस से भिड़ने का कोई सवाल ही नहीं थी. बहुत सारे लोग अलग-अलग तरीके से अलग-अलग एंगल से इस चीज को रंग देने की कोशिश कर रहे हैं.

“इस बात का जवाब वो नहीं दे पा रहे कि वहां लोग इकट्ठा किस लिए हुए थे. नई उम्र के लड़के किस लिए इकट्ठे हुए थे? कोई बुजुर्ग उनको कंट्रोल करने के लिए वहां क्यों नहीं था?”

उन्होंने आगे कहा कि हम लोगों से बातचीत कर रहे हैं. सभी पक्षों से बातचीत का प्रयास कर उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं. जो लड़के पथराव में शामिल थे उनमें से ज्यादातर की उम्र पढ़ने-लिखने की है. बहुत सारे लोगों की जॉब करने की उम्र है. उसमें से कई सारे कुछ ना कुछ काम धंधा कर भी रहे थे. अपना काम धंधा छोड़कर इस तरीके की गतिविधियों में शामिल होना वो किसी के लिए भी अच्छा नहीं है. इस तरह की चीजें दोबारा ना हो इसके लिए हमारी पूरी तैयारी है.

Reported By: IANS, Edited By: Hindi Post Web Desk

 


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