चलती ट्रेन के कमोड में फंसा बच्ची का पैर, काफी मशक्कत के बाद भी बाहर नहीं निकाला जा सका, तब रेलवे ने अपनाई ये तकनीक

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बांद्रा टर्मिनस और मुजफ्फरपुर जंक्शन के बीच चलने वाली अवध एक्सप्रेस में एक बड़ी घटना होने से बाल-बाल बच गई. दरअसल, एसी कोच नंबर C6 में एक महिला अपनी मासूम बेटी को लेकर सफर कर रही थी.

सफर के दौरान बच्ची को शौच आने पर मां ने उसे कोच की टॉयलेट में ले जाकर बैठा दिया. खुद महिला टॉयलेट के बाहर खड़ी हो गई. तभी किसी रिश्तेदार का कॉल आ गया. महिला फोन पर बात करने में मशगूल हो गई. इस दौरान, ट्रेन चल रही थी.

तभी अचानक झटका लगने पर बच्ची का पैर टॉयलेट सीट के होल में जा फंसा. बच्ची दर्द से चीखने चिल्लाने लगी. बच्ची की आवाज सुनकर मां ने टॉयलेट का गेट खोला तो वह यह देखकर हैरान रह गई कि बच्ची का पैर होल में फंस गया था.

ट्रेन में मौजूद अन्य यात्री भी बच्ची की मदद के लिए आ गए. पर कोई कुछ कर नहीं पाया. इसी समय किसी यात्री ने
रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर घटना की सूचना दे दी. घटना की सूचना मिलते ही रेलवे स्टाफ मौके पर आ गया. फिर उन्होंने टेक्निकल स्टाफ को मौके पर बुलाया.

बता दे कि यह पूरा वाकया आगरा (उतर प्रदेश) का है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीतामढ़ी जिला (बिहार) निवासी मोहम्मद अली अपनी पत्नी फातिमा और बच्चों के साथ अवध एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रहे थे. अली की एक बेटी को टॉयलेट जाना था. फातिमा बच्ची को टॉयलेट ले गई. इसी समय किसी का फोन आ गया. फातिमा फोन पर बात करने में व्यस्त हो गई. क्योंकि ट्रेन चल रही थी इसलिए कही कोई झटका आया होगा. इससे बच्ची का पैर टॉयलेट सीट के होल में फंस गया.

बताया जा रहा है करीब डेढ़ घंटे तक बच्ची फंसी रही. इस दौरान, बच्ची को दर्द हो रहा था. जब ट्रेन फतेहपुर सीकरी पहुंची तो रेलवे की टेक्निकल टीम ने टॉयलेट बॉक्स को आकर खोला जिसके की बाद बच्ची का पैर बाहर निकाला जा सका. इस दौरान मासूम बच्ची के पैर में चोट भी आ गई थी. उसका इलाज भी किया गया.

यह घटना 15 अगस्त के दिन की है.

हिंदी पोस्ट वेब डेस्क


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