ED ने जब्त की 4.56 करोड़ की संपत्ति, यह जानकारी आई सामने
सांकेतिक तस्वीर (आईएएनएस)
प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी ने बीटीसी फंड घोटाले मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने 4.56 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है. यह घोटाला कथित तौर पर क्रिप्टोकरेंसी की अवैध बिक्री से जुड़ा है. एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी.
जब्त की गई संपत्तियां हेमंत शर्मा और अन्य लोगों की हैं. हेमंत शर्मा पर आरोप है कि उसने ‘BTCFUND.in’ नामक वेबसाइट के माध्यम से लोगों को ठगा था.
ईडी द्वारा जारी किए गए बयान के अनुसार, धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत संपत्तियां जब्त की गई है. ये संपत्तियां हेमंत शर्मा पुत्र ईश्वर शर्मा की है. वह राजपुर रोड, देहरादून का निवासी है.
राजपुर पुलिस (देहरादून) और दिनेशपुर पुलिस (उधम सिंह नगर – उत्तराखंड) द्वारा हेमंत शर्मा और अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित दंडात्मक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था. इन FIRs के आधार पर ईडी ने अपनी जांच शुरू की.
हेमंत शर्मा पर आरोप है कि उसने लोगों को बिटकॉइन में निवेश के नाम पर धोखा देते हुए उनके करोड़ों रुपये निवेश कराए.
ईडी की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, हेमंत शर्मा निवासी राजपुर ने बीटीसी फंड डॉट इन नाम से वेबसाइट बनाई थी. इस पर प्रचार किया गया था कि इस वेबसाइट के माध्यम से बिटकॉइन में निवेश किया जाता है. इस पर उसने मोटे लाभ का झांसा दिया था. लोगों ने इसमें करोड़ों रुपये निवेश किया. जब लाभ की बारी आई तो उसने यह वेबसाइट बंद कर दी. लोगों ने जब मामले में आवाज उठाई तो दिनेशपुर थाना पुलिस ने हेमंत शर्मा और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया. मामले में जांच शुरू हुई तो ईडी ने इसका संज्ञान लेते हुए संपत्तियों की जांच शुरू कर दी.
ईडी की जांच से पता चला कि अपराध की आय का उपयोग हेमंत शर्मा द्वारा चार अचल संपत्तियों को खरीदने के लिए किया गया था. इसके अलावा कुछ पैसा हेमंत ने अपने बैंक खाते में जमा कराया था.
IANS
