ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी को किया गिरफ्तार
अब्बास अंसारी (फाइल फोटो वाया आईएएनएस)
नई दिल्ली | प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार देर रात को मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी को गिरफ्तार कर लिया. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अब्बास अंसारी को पूछताछ के लिए बुलाया गया था. शुक्रवार को नौ घंटे की पूछताछ के बाद अब्बास को गिरफ्तार कर लिया गया.
अब्बास को ईडी ने प्रयागराज से गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के अनुसार, जांच एजेंसी के पास पर्याप्त सबूत थे, जिसके आधार पर अंसारी को गिरफ्तार किया गया.
ईडी ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर मुख्तार अंसारी (पूर्व विधायक) और उनके सहयोगियों के खिलाफ पीएमएलए के तहत जांच शुरू की थी.
जांच के दौरान, यह पता चला कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा, एक प्राइवेट फर्म – विकास कंस्ट्रक्शन के खिलाफ सार्वजनिक/सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करके गोदाम बनाने के आरोप में दो प्राथमिकी दर्ज की गई थी. गोदामों का निर्माण यूपी के मऊ और गाजीपुर जिले में किया गया था.

विकास कंस्ट्रक्शन नाम की इस फर्म को अफशान अंसारी (मुख्तार अंसारी की पत्नी) और उनके दो भाइयों आतिफ रजा और अनवर शहजाद और दो अन्य व्यक्तियों रवींद्र नारायण सिंह और जाकिर हुसैन द्वारा चलाया जा रहा था.
यूपी पुलिस ने मऊ जिले में दर्ज एक एफआईआर में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी के सभी भागीदारों को आरोपी बनाया गया है.
पीएमएलए की जांच में पता चला कि विकास कंस्ट्रक्शन ने मऊ और गाजीपुर जिले में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने गोदामों को किराए पर देकर भारतीय खाद्य निगम से 15 करोड़ रुपये की वसूली की थी. इस किराए का उपयोग विकास कंस्ट्रक्शन और अफशां अंसारी के नाम पर अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया था.
ऐसी अचल संपत्तियों का पता लगाने के बाद, प्रवर्तन निदेशालय ने अस्थायी रूप से 1.48 करोड़ रुपये की सात अचल संपत्तियों को कुर्क किया था. पंजीकरण के समय कुर्क की गई संपत्तियों का सर्किल रेट 3.42 करोड़ रुपये था.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
(इनपुट्स: आईएएनएस)
