भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के ख‍िलाफ दायर मानहानि याचिका पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई…

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फाइल फोटो

The Hindi Post

नई दिल्ली | दो पूर्व बिजनेस पार्टनर्स – मिहिर दिवाकर और उनकी पत्नी सौम्या दास के मानहानि के मुकदमे का विरोध करते हुए टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेट कप्तान एमएस धोनी ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि उनकी (मिहिर दिवाकर और सौम्या दास) याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. धोनी ने यह भी बताया कि उन्होंने रांची की एक अदालत में मिहिर और सौम्या के खिलाफ मामला दायर किया हुआ है.

मिहिर और उनकी पत्नी सौम्या ने धोनी के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा और हर्जाने की मांग की है. पत्नी-पत्नी का उद्देश्य है कि 15 करोड़ रुपये के कथित अवैध लाभ और 2017 के अनुबंध के उल्लंघन के संबंध में कथित मानहानिकारक बयानों के प्रकाशन और प्रसार पर रोक.

पिछली बार अदालत ने अपनी रजिस्ट्री को निर्देश दिया था कि वह धोनी को उनके खिलाफ मानहानि का मामला दायर करने के बारे में सूचित करे.

यह वाद विभिन्न प्रमुख प्लेटफार्मों जैसे कि X, गूगल, यूट्यूब, मेटा (फेसबुक) और कई समाचार आउटलेट्स के खिलाफ भी है, ताकि वे उनके (मिहिर और सौम्या) खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक लेख और पोस्ट हटा सकें.

धोनी के वकील ने सोमवार को अदालत को बताया कि उन्हें अभी तक शिकायत की प्रति नहीं मिली है.

एक मीडिया हाउस का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील सिद्धांत कुमार ने यह भी तर्क दिया कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और पिछले फैसले का हवाला देते हुए प्रत्येक प्रतिवादी के खिलाफ विशिष्ट आरोपों की आवश्यकता पर बल दिया.

दोनों के वकील ने मीडिया द्वारा निष्पक्ष रिपोर्टिंग की वकालत की.

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने धोनी और अन्य प्रतिवादियों के खिलाफ कोई अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया.

न्यायाधीश ने वादी के वकील से प्रतिवादियों के खिलाफ स्पष्ट आरोप लगाने को कहा.

अब अगली सुनवाई 3 अप्रैल को तय की गई है.

धोनी ने हाल ही में मिहिर दिवाकर और सौम्या दास के खिलाफ एक आपराधिक मामला दायर किया था, जिसमें उन पर क्रिकेट अकादमियों की स्थापना के अनुबंध का सम्मान न करके लगभग 16 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कथित तौर पर स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी अरका स्पोर्ट्स के दो निदेशकों (मिहिर और सौम्या) के खिलाफ रांची की एक अदालत में आपराधिक मामला दायर किया है.

यह अनुबंध धोनी और दिवाकर और दास की स्वामित्व वाली कंपनी अरका स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के बीच हुआ था.

यह अनुबंध भारत और विश्व स्तर पर क्रिकेट अकादमियों की स्थापना के लिए हुआ था.

दिवाकर का दावा है कि धोनी के वकील ने 6 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन और उनकी पत्नी पर ऐसे आरोप लगाए जिससे उन्हें नुकसान पहुंचा है. मिहिर और सौम्या का तर्क है कि मीडिया में व्यापक रूप से सामने आए इन आरोपों ने मिहिर दिवाकर की छवि को धूमिल किया है.

आईएएनएस

 


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