फिल्म ‘आदिपुरुष’ का मामला पहुंचा दिल्ली हाई कोर्ट, जानिए कोर्ट ने क्या कहा?
नई दिल्ली | दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को हिन्दू सेना द्वारा दायर उस याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया जिसमें फिल्म ‘आदिपुरुष’ से कथित आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने का निर्देश देने की मांग की गई थी.
ओम राउत द्वारा निर्देशित फिल्म ‘आदिपुरुष’ 16 जून को रिलीज हुई थी.
याचिकाकर्ता, हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता के वकील ने, “मैं याचिका को आज (बुधवार) या शुक्रवार को सूचीबद्ध करने की मांग कर रहा हूं, क्योंकि फिल्म में कई विवादास्पद दृश्य हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “जब फिल्म का टीजर रिलीज हुआ तो हंगामा हुआ. निर्देशक ने फिल्म के कुछ हिस्सों को हटाने का वादा किया, लेकिन इन्हें नहीं हटाया गया. फिल्म के ट्रेलर के रिलीज के समय में भी ऐसा ही हुआ. अब वर्तमान समय में यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी प्रभाव डाल रही है जैसे नेपाल ने इस (आदिपुरुष) पर प्रतिबंध लगा दिया है.”
हालांकि, जस्टिस तारा वितस्ता गंजू और अमित महाजन की वेकेशन बेंच ने इस मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया.
न्यायमूर्ति गंजू ने मौखिक रूप से टिप्पणी की, “जब फिल्म रिलीज हो गई है तो आप क्या मांग रहे है, क्या आप फिल्म के बारे में पहले से नहीं जानते थे.”
दायर की गई जनहित याचिका, 1952 के सिनेमैटोग्राफ अधिनियम के तहत फिल्म को दिए गए प्रमाणन को भी चुनौती देती है. इस याचिका में “आदिपुरुष” के निर्देशक, निर्माता और अन्य को उत्तरदाताओं के रूप में नामित किया गया है.
याचिकाकर्ता का कहना है कि फिल्म गलत और अनुचित तरीके से धार्मिक चरित्रों को पेश करती है और इससे हिंदू समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है.
याचिका में तर्क दिया गया है कि फिल्म में रावण (सैफ अली खान द्वारा अभिनीत) और भगवान हनुमान जैसे पात्रों का चित्रण भारतीय सभ्यता से पूरी तरह से अलग है.
याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म में सैफ अली खान द्वारा निभाए गए रावण के चरित्र का दाढ़ी वाला लुक हिंदू समुदाय की भावनाओं को आहत कर रहा है क्योंकि रावण को गलत तरीके से भयानक चेहरा बनाते हुए दिखाया गया है जो हिंदू सभ्यता, हिंदू धार्मिक हस्तियों, मूर्तियों, आदि का घोर अपमान है.
फिल्म में भगवान राम, सीता और रावण की प्रमुख भूमिकाओं में क्रमश: प्रभास, कृति सेनन और सैफ अली खान हैं.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क/आईएएनएस
