सीआईए के गोपनीय दस्तावेज में बड़ा खुलासा: 1998 में ओसामा बिन लादेन के निशाने पर था भारत
सीआईए के गोपनीय दस्तावेज में बड़ा खुलासा: 1998 में ओसामा बिन लादेन के निशाने पर था भारत
हाल ही में सार्वजनिक किए गए अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) के एक गोपनीय दस्तावेज से बड़ा खुलासा हुआ है. 1998 की इस खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, आतंकी ओसामा बिन लादेन जिन देशों में हमले की साजिश रच रहा था उनमें भारत का नाम भी शामिल था.
इन दस्तावेजों में लादेन के नेटवर्क के पाकिस्तानी संपर्कों और तालिबान द्वारा उसे अफगानिस्तान से बाहर निकालने से इनकार करने का भी पूरा ब्योरा दिया गया है.
संभावित ठिकानों की सूची में था भारत
28 अगस्त 1998 की इस खुफिया रिपोर्ट में संभावित हमलों के लिए भारत और पाकिस्तान के अलावा मिस्र, अरब प्रायद्वीप के देशों, युगांडा और संभवतः नाइजीरिया का नाम भी शामिल था.
विशिष्ट निशाने की जानकारी नहीं
खुफिया जानकारी के स्रोत और पहचान को गोपनीय रखने के लिए दस्तावेज के कई हिस्से छिपा (रेडैक्ट) दिए गए हैं. हालांकि, सार्वजनिक किए गए अंशों में भारत में किसी तय तारीख, खास ठिकाने या किसी स्पष्ट ऑपरेशनल प्लान का जिक्र नहीं मिलता है.
‘बिन लादेन टेररिस्ट नेटवर्क स्टिल अ थ्रेट’ (बिन लादेन का आतंकी नेटवर्क अब भी खतरा) शीर्षक वाले इस खुफिया दस्तावेज में कहा गया था कि बिन लादेन और अफगानिस्तान में मौजूद अन्य आतंकी सरगना अमेरिकी हमलों में बच निकले थे. उनका संचार नेटवर्क पूरी तरह सुरक्षित था, कुछ आतंकी शिविरों में प्रशिक्षण फिर शुरू हो गया था, जबकि अन्य ठिकानों को नई जगहों पर स्थानांतरित किया जा रहा था.
दस्तावेज में यह आकलन भी किया गया कि बिन लादेन हमलों को अंजाम देने के लिए कम से कम 60 देशों में मौजूद अपने गुर्गों और सहयोगी आतंकी संगठनों का इस्तेमाल कर सकता था.
IANS
