बिहार में पुलिस लाठीचार्ज में भाजपा नेता की मौत, पुलिस ने दौड़ा-दौड़कर पीटा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को पटना में मार्च निकाला. इस दौरान पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी, जिससे कई नेता और कार्यकर्ता घायल हो गए. कई के सिर फट गए तो कई की हड्डियां टूट गई.
इस घटना में एक बीजेपी नेता की मौत हो गई है. भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट करके कहा कि पुलिस द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज में विजय कुमार सिंह की मौत हो गई है. मृतक जहानाबाद नगर में बीजेपी के महामंत्री थे.
आखिर ये कौन सी महागठबंधन सरकार की लोकतांत्रिक व्यवस्था है, जिसमें भाजपा के माननीय प्रदेश अध्यक्ष जी पर लाठी तानने की अनुमति है। नीतीश बाबू आपके अंदर उपजे भय का प्रमाण है।
भ्रष्टाचार और परिवारवाद के किले को बचाने के लिए अंधी, बहरी और गूंगी ठगबंधन की सरकार लाठी और गोलों के जोर पर… pic.twitter.com/Zh4sbJKUpy
— BJP Bihar (@BJP4Bihar) July 13, 2023
दरअसल, पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता गांधी मैदान के पास एकत्रित होकर बिहार विधानसभा के लिए रवाना हुए. जैसे ही मार्च में शामिल लोग जेपी. गोलंबर के आगे बढ़े, पुलिस ने बल का प्रयोग किया.
पटना-विधानसभा मार्च के दौरान BJP सांसद जर्नादन सिग्रीवाल को पुलिस ने पीटा.#patna pic.twitter.com/Mgk5ovreoJ
— rajni singh (@imrajni_singh) July 13, 2023
जब मार्च डाकबंगला चौराहे पर पहुंचा तो रोकने की कोशिश की गई. वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और आंसू गैस के गोले दागे गए. इसके बाद पहले से तैनात सैकड़ों पुलिस के जवानों ने भाजपा कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा.
इस दौरान डाक बंगला पर भगदड़ की स्थिति बन गई. डाक बंगला के पास प्रशासन द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग के पास भाजपा के कई कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष धरने पर बैठ गए है.
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में लोकतंत्र की हत्या की गई है. “हमलोग शांतिपूर्वक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, फिर लाठीचार्ज क्यों किया गया?”
#WATCH | Patna: Security personnel use several rounds of tear gas shells to disperse BJP workers protesting against Bihar govt pic.twitter.com/4zKcFh0TH7
— ANI (@ANI) July 13, 2023
उन्होंने कहा कि कई एमपी, एमएलए को पीटा गया. “हम लोग कोई उग्र प्रदर्शन नहीं कर रहे थे”.
इधर, विधायक नितिन नवीन ने कहा कि सरकार जो भी कर ले, हम लोग डरने वाले नहीं है. आरोप है कि महिला कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया. नितिन नवीन ने कहा कि यह मार्च भ्रष्टाचार, 10 लाख नौकरी देने के वादे और शिक्षकों के मुद्दे पर किया गया था.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
(इनपुट्स: आईएएनएस)
