भाजपा धोखा देने वाली पार्टी, जहां-जहां भगवान राम गए वहां हारी: सपा सांसद सनातन पांडे

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समाजवादी पार्टी सांसद सनातन पांडे (फोटो: आईएएनएस)

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भाजपा धोखा देने वाली पार्टी, जहां-जहां भगवान राम गए वहां हारी: सपा सांसद सनातन पांडे

 

लखनऊ | समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडे ने शनिवार को कहा कि मुझे यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि भाजपा एक धोखेबाज पार्टी है जिसे जनता के हितों से कोई लेना-देना नहीं है.

पत्रकारों से बातचीत में बताया उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को 2024 के लोकसभा चुनाव में माकूल जवाब देने का काम किया. आप देख लीजिए जिन स्थानों पर भगवान राम गए, उन सभी जगहों पर भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा.

समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडे के मुताबिक, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, चित्रकूट सहित उन सभी जगहों पर भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा, जहां भगवान राम ने विचरण किया था. भगवान राम का जो यात्रा मार्ग रहा है, वहां पर भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा .

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक धोखा देने वाली पार्टी है. इस पार्टी को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है. अब इस पार्टी की सच्चाई से प्रदेश की जनता वाकिफ हो चुकी है.

सनातन पांडे ने ओम प्रकाश राजभर के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि राजभर के लिए बेहतर रहेगा कि वो अपने इतिहास को देखें. ओम प्रकाश राजभर को मेरा सुझाव रहेगा कि वो 2017 से लेकर 2026 तक हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में सोचे और अगर मौका मिले तो उस पर आत्मचिंतन करें. उन्होंने सरकार को पानी पीकर गाली देने का काम किया. 2022 में समाजवादी पार्टी के सहारे छह सीटें हासिल कीं और इसके बाद हम लोगों को धोखा देकर उन लोगों ने बीजेपी के साथ हाथ मिला लिया. उनकी विधानसभा की सीट हमारे लोकसभा में पड़ती है. उन्हें अपने दामन में झांकने की जरूरत है. इससे उन्हें अपनी हकीकत के बारे में पता चल जाएगा. उन्हें पता चल जाएगा कि वो कहां पर है. जब उन्होंने सपा को गाली दी, तो वो भाजपा में आ गए. उनका अस्तित्व ठोस नहीं है.

सपा सांसद ने कहा कि इन बड़बोले लोगों का कोई अस्तित्व नहीं है. इन लोगों ने अपनी जाति के लोगों को भरमाकर खुद को राजनीति में स्थापित करने का काम किया है. हमसे भी कोई चूक हो सकती है या चूक हो गई कि हम लोग इन्हें समझ नहीं पाए. सपा की स्थापना के बाद से लेकर अब तक पार्टी चंदे की राजनीति नहीं करती है. सपा टिकट बेचने का काम नहीं करती है. हम टिकट भी देते हैं और मदद भी करते हैं. हम जातिवादी पार्टी नहीं है. उधर अगर हम ब्राह्मण की बात करें, तो ये हमेशा से ही समाजवादी रहे हैं.

 


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