शेख हसीना के पिता के घर को पहले किया गया आग के हवाले फिर उस पर चला दिया गया बुलडोजर, VIDEO
ढाका | बांग्लादेश की राजधानी ढाका के धानमंडी 32 स्थित शेख मुजीबुर रहमान के तीन मंजिला मकान पर गुरुवार सुबह बुलडोजर चला दिया गया. इससे पहले बीती रात गुस्साए छात्रों ने घर में तोड़फोड़ की थी और मकान को आग के हवाले कर दिया था. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, मकान का अधिकांश हिस्सा ढह गया है.
बता दें शेख मुजीबुर रहमान को बांग्लादेश के संस्थापक के रूप में जाना जाता है. शेख मुजीब ने 1971 में पाकिस्तान से देश की आजादी का नेतृत्व किया था. 1975 में उनकी हत्या कर दी गई थी.
पिछले साल अगस्त में शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद से उनकी विरासत पर लगातार हमला किया जा रहा है. हसीना को उग्र छात्र आंदलोन की वजह से ही अपनी सत्ता छोड़ने को मजबूर होना पड़ा था.
शेख मुजीब के जिस घर में तोड़फोड़ की गई उसे उनकी बेटी शेख हसीना ने म्यूजियम में बदल दिया था.
What has just happens in #Bangladesh last night & following today is something that really touched the mind & sentiment of millions of Bangladeshis who acknowledge the significance & historical attachment with the residence of the father of the nation #Bangabandhu Sheikh Mujibur… pic.twitter.com/vX0BDb6oB0
— Nahim RAZZAQ (@RazzaqNahim) February 6, 2025
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार सुबह 8 बजे एक नीला बुलडोजर लगातार इमारत को गिरा रहा था. जब यह सब हो रहा था तब घटनास्थल पर कोई कानूनी दल या प्रशासनिक कर्मचारी मौजूद नहीं था.
मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि जब तक पूरी इमारत जमींदोज नहीं हो जाती, तब तक तोड़फोड़ जारी रहेगी.
रिपोर्ट के मुताबिक शेख मुजीबुर रहमान के ध्वस्त आवास पर लूटपाट की भी खबर है. लोगों ने मलबे से दरवाजे, खिड़कियां, ईंटें, लोहे की छड़ें और पाइप लूट लिए हैं.
More visuals from today of the now destroyed residence of Sheikh Mujibur Rehman who led Bangladesh to independence from west Pakistan’s colonial rule. The house was destroyed by a mob on wednesday night. pic.twitter.com/K8KLzHE9iR
— Sidhant Sibal (@sidhant) February 6, 2025
इससे पहले बुधवार शाम को गुस्साए छात्र घर के सामने इकट्ठा होने लगे थे और रात करीब 8 बजे परिसर में दाखिल हुए थे. जैसे-जैसे रात बढ़ती गई, भीड़ भी बढ़ती गई. घर में आग लगाने से पहले बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई थी. बाद में उसी रात बुलडोजर लाया गया और घर ढहाने का काम शुरू हो गया.
इस हिंसा की शुरुआत उस भाषण से हुई जिसे हसीना भारत में रहते हुए अपने समर्थकों को देना चाह रहीं थीं. उनके विरोधियों ने उन पर विपक्ष को दबाने का आरोप लगाया था.
छात्रों का गुस्सा अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की इस घोषणा से फूटा कि वह ‘छात्र लीग’ संगठन के सदस्यों के साथ एक वर्चुअल सत्र में शामिल होंगी. छात्र लीग हसीना की आवामी लीग पार्टी की स्टूडेंट विंग है जिस पर 23 अक्टूबर 2024 से प्रतिबंध लगा हुआ है.
