बांग्लादेश में एक और हिंदू शख्स की गई जान, पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया गया था
फोटो क्रेडिट: आईएएनएस
बांग्लादेश में एक और हिंदू शख्स की गई जान, पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया गया था
ढाका | अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा के बीच बांग्लादेश में शनिवार को एक और हिंदू व्यक्ति की मौत हो गई. शरियातपुर जिले के दमुद्या उपजिला में व्यवसायी खोकन चंद्र दास को कुछ दिन पहले आग के हवाले कर दिया गया था. उन्हें बेहरमी से मारा-पीटा भी गया था. इस खौफनाक घटना को असामाजिक तत्वों ने अंजाम दिया था.
यह घटना बुधवार (31 दिसंबर) देर रात कनेश्वर यूनियन के केउरभांगा बाजार के पास हुई थी. हमले में गंभीर रूप से घायल खोकन को ढाका स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी में भर्ती कराया गया था जहां शनिवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
दमुद्या पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद रबीउल हक ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और फिर परिजनों को सौंपा जाएगा. पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है.
स्थानीय मीडिया प्रथम आलोक के अनुसार, खोकन दवा और मोबाइल बैंकिंग का कारोबार करते थे. दुकान बंद कर घर लौटते समय हमलावरों ने उन्हें रोककर पहले धारदार हथियार से घायल किया और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी.
उनके भतीजे प्रांत दास ने बताया कि खोकन गुरुवार रात से आईसीयू में भर्ती थे लेकिन हालत बिगड़ने पर शनिवार को उनका निधन हो गया. अस्पताल के बर्न यूनिट प्रमुख बिधान सरकार ने कहा कि उनके शरीर पर लगभग 30 प्रतिशत जलने के घाव थे.
खोकन की मौत एक सप्ताह के भीतर हिंदू समुदाय पर हुई दूसरी निर्मम घटना है. इस सप्ताह की शुरुआत में, मयमनसिंह जिले के भालुका उपजिला में 40 वर्षीय बजेंद्र बिस्वास की उनके ही एक सहकर्मी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.
24 दिसंबर को अमृत मंडल की भीड़ द्वारा हत्या की खबर आई थी, जबकि 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास को ईशनिंदा के झूठे आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था और शव को पेड़ से बांधकर आग लगा दी थी.
लगातार हो रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यूनुस-नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान बढ़ती हिंसा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों और आम जनता में गहरी चिंता पैदा कर दी है.
IANS
