अतीक अहमद ने सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट में कहा “मुझे साबरमती जेल भेज दे, मैं यहां नहीं रहना चाहता..”
फाइल फोटो | आईएएनएस
“मुझे साबरमती जेल भेज दे, मैं यहां नहीं रहना चाहता, पुलिस और केस लाद देगी …”, यह कहना हैं गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद का जिसको आज प्रयागराज की MP-MLA कोर्ट ने उमेश पाल अपहरण मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं. इंडिया टुडे (डॉट इन) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अतीक ने यह बात कोर्ट से गुजारिश करते हुए कही.
MP-MLA कोर्ट ने मंगलवार को अतीक अहमद, दिनेश पासी और खान सौलत हनीफ को उम्रकैद की सजा सुनाई और एक-एक लाख जुर्माना भी लगाया.
100 से अधिक आपराधिक मामलों में नामित अतीक अहमद को 44 साल में पहली बार किसी मामले में दोषी ठहराया गया हैं.
अतीक को सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुजरात की साबरमती जेल से प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल लाया गया था. मंगलवार को उसको प्रयागराज की कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक और दो अन्य को सजा सुनाई, वहीं सात लोगों को इस मामले में बरी कर दिया. बरी होने वालों में अतीक का भाई अशरफ भी शामिल हैं. 2006 के इस अपहरण मामले में कुल 10 आरोपी थे जिसमें से सात बरी हो गए.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
