भारत में अमेरिका से भी महंगा हुआ एपल का स्मार्टफोन, क्यों और कितनी हुई कीमत ?

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सांकेतिक तस्वीर / (फोटो क्रेडिट : आईएएनएस)

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भारत में अमेरिका से भी महंगा हुआ एपल का स्मार्टफोन, क्यों और कितनी हुई कीमत ?

 

नई दिल्ली | एप्पल ने भारत में आईफोन्स की कीमतों में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है. इसकी वजह मेमोरी की बढ़ती लागत है. नई जनरेशन के स्मार्टफोन्स लॉन्च करने के साथ एप्पल ने फोल्डेबल मार्केट में भी एंट्री ली है जहां उसने अपना पहला ‘आईफोन डुओ’ 2.99 लाख रुपये की कीमत पर पेश किया है.

एप्पल ने आईफोन 17 के 256जीबी वेरिएंट की कीमत को 82,900 रुपए से बढ़ाकर 99,900 रुपए कर दिया है जो कीमत में 17,000 रुपए या 20.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है. वहीं, 512जीबी वेरिएंट की कीमत 1,24,900 रुपए हो गई है, जो पहले 1,02,900 रुपए थी. इससे कीमत में 22,000 रुपए या 21.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

आईफोन 18 प्रो की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपए है जो आईफोन 17 प्रो की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है. वहीं, आईफोन 18 प्रो मैक्स की शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपए है जो 20 प्रतिशत अधिक है.

इसके अलावा, सबसे बड़ी बढ़ोतरी 1टीबी वाले आईफोन एयर की कीमत में हुई है. इसकी कीमत 40.6 प्रतिशत बढ़कर 2,24,900 रुपए हो गई है जो पहले 1,59,900 रुपए थी.

आईफोन एयर के 256जीबी और 512जीबी वेरिएंट भी 25 प्रतिशत महंगे हो गए हैं.

इसके अलावा, आईफोन 17ई की शुरुआती कीमत अब 79,900 रुपए है, जो 23.1 प्रतिशत अधिक है. वहीं, 128जीबी वाले आईफोन 16 की कीमत 28.6 प्रतिशत बढ़कर 89,900 रुपए हो गई है.

भारत में एप्पल के प्रो मॉडल्स की कीमतों में हुई बढ़ोतरी कई प्रमुख बाजारों की तुलना में काफी अधिक है. अमेरिका में आईफोन 18 प्रो और प्रो मैक्स की कीमतों में क्रमशः 9 प्रतिशत और 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक के अनुसार, भारत में आईफोन की कीमतें 20–30 प्रतिशत बढ़ी हैं जो 8–10 प्रतिशत के वैश्विक औसत से काफी अधिक है.

उन्होंने कीमतों में इस बढ़ोतरी के लिए मेमोरी की लागत, रुपए की कमजोरी और घरेलू उत्पादन की बढ़ी हुई लागत को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि आईफोन डुओ पर 20 प्रतिशत तक का आयात शुल्क लग सकता है क्योंकि इसको स्थानीय स्तर पर असेंबल नहीं किया जाता है.

साइबरमीडिया रिसर्च के इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप के प्रमुख प्रभु राम ने कहा कि 2,99,900 रुपए की कीमत वाला आईफोन डुओ, प्रो सीरीज से ऊपर एक अल्ट्रा-प्रीमियम श्रेणी स्थापित करता है. उनके अनुसार, निकट अवधि में यह बड़े पैमाने पर बिक्री बढ़ाने वाले उत्पाद के बजाय मुख्य रूप से ब्रांड की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले उत्पाद के रूप में काम कर सकता है.

राम ने कहा कि फाइनेंसिंग विकल्प प्रो मैक्स यूजर्स को आकर्षित करने में मदद कर सकते हैं, जबकि निकट अवधि में आईफोन डुओ की शिपमेंट सीमित और सप्लाई की कमी से प्रभावित रहने की संभावना है. उन्होंने कहा कि फिलहाल फोल्डेबल स्मार्टफोन कुल स्मार्टफोन शिपमेंट का 1 प्रतिशत से भी कम हैं लेकिन एप्पल के इस सेगमेंट में प्रवेश से इसके विकास को गति मिल सकती है.

BY IANS

मेमोरी की बढ़ती लागत के चलते एप्पल ने भारत में आईफोन की कीमतों को 40 प्रतिशत तक बढ़ाया

 

 


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