मिलावटी दूध पीने से 16 लोगों की मौत, अचानक फेल हुईं किडनी, 100 से ज्यादा परिवार…..

GLASS OF MILK

सांकेतिक तस्वीर (AI Photo - ChatGPT)

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मिलावटी दूध पीने से 16 लोगों की मौत, अचानक फेल हुईं किडनी, 100 से ज्यादा परिवार…..

 

आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां कथित तौर पर मिलावटी दूध पीने से 16 लोगों की मौत हो गई है. दरअसल, मौत के आकड़ों में वृद्धि हुई है. इससे पहले 13 लोगों की मौत की खबर सामने आई थी.

बता दे कि राजमहेंद्रवरम के अस्पतालों में अभी भी तीन मरीजों का उपचार जारी है, जबकि एक व्यक्ति स्वस्थ होकर घर लौट चुका है. यह घटना फरवरी के मध्य की है जब लालचेरुवु के कुछ इलाकों में वितरित किए गए दूध के कथित सेवन से कई लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे.

जांच रिपोर्टों और आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रयोगशाला परीक्षणों में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दूध में एथिलीन ग्लाइकॉल (Ethylene Glycol) नामक अत्यधिक विषैला पदार्थ मिला हुआ था. इस घातक रसायन के कारण पीड़ितों की किडनी ने अचानक काम करना बंद कर दिया और शरीर के कई अंगों के विफल (Multiple Organ Failure) होने से उनकी मौत हो गई. प्रभावित मरीजों में उल्टी, असहनीय पेट दर्द और पेशाब न आने जैसे गंभीर लक्षण देखे गए थे जिसके बाद कई बुजुर्गों और बच्चों को वेंटिलेटर और डायलिसिस पर रखना पड़ा था.

विज्ञप्ति के अनुसार, कोरुकोंडा मंडल के नरसपुरम गांव में स्थित एक डेयरी यूनिट से 100 से अधिक परिवारों को दूध की सप्लाई की जाती थी. इस यूनिट को ही मिलावट का संदिग्ध स्रोत माना गया जिसके बाद वहां से दूध की सप्लाई तुरंत रोक दी गई.

यह पूरा मामला 22 फरवरी से चल रहा है.

स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा विशेषज्ञों और महामारी विज्ञानियों की एक ‘रैपिड रिस्पॉन्स टीम’ का गठन किया है. प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं और संदिग्ध दूध विक्रेता को हिरासत में ले लिया गया है.

पुलिस ने इस मामले में बीएनएसएस की धारा 194 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. फोरेंसिक टीमें और पशुपालन विभाग के विशेषज्ञ दूध, पशु आहार और पानी के नमूनों की गहन टॉक्सिकोलॉजिकल जांच कर रहे हैं ताकि इस जानलेवा मिलावट के सटीक कारणों और बाहरी कारकों का पता लगाया जा सके.

 

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