सो कर उठते ही अभिजीत दीपके ने कही यह बात, इसकी हो रही खूब चर्चा
फोटो क्रेडिट : सोशल मीडिया (Instagram / abhijeetdipke)
सो कर उठते ही अभिजीत दीपके ने कही यह बात, इसकी हो रही खूब चर्चा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और आंदोलन की सभी मांगें मंजूर होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार को जंतर-मंतर से अपना धरना समाप्त कर दिया. आंदोलन के मुख्य चेहरे अभिजीत दीपके ने अगली सुबह अपने बिस्तर से एक वीडियो संदेश साझा करते हुए समर्थकों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने संकेत दिया कि यह विरोध-प्रदर्शन सीजेपी के राजनीतिक सफर की महज एक शुरुआत है और उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा.
वीडियो संदेश में दीपके ने कहा, “गुड मॉर्निंग, आज बहुत अच्छा लग रहा है. आज बहुत दिनों के पास आराम से सो पाया हूं और बेडरूम में उठ पाया हूं. आज यह नहीं सोचना पड़ रहा है कि शाम को क्या होगा. कोई पैनिक नहीं है और जो पिछले 37 दिन में हुआ वह सब आसान नहीं था. मैं हर समर्थक को धन्यवाद देना चाहता हूं. जिन जिन लोगों ने हमपर भरोसा दिखाया है. आप लोगों के समर्थन के बिना यह नहीं हो सकता. मैं कल सबको धन्यवाद नहीं दे पाया और इसके लिए माफी मांगता हूं. मुझे टाइफाइड हुआ है और बुखार बहुत ज्यादा था. जितने भी लोग जंतर-मंतर पर बने रहे, मैं सबको धन्यवाद देता हूं.”
उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने हमपर संदेह किया या हमारी आलोचना की, मैं उन्हें भी धन्यवाद देता हूं. अगर आप लोग सवाल नहीं करते तो हम सुधार ना कर पाते. मैं यही कहना चाहता था. मैं पहले दिन से कह रहा हूं. यह केवल शुरुआत है. कॉकरोच जनता पार्टी को अभी बहुत दूर तक जाना है. जय हिंद.”
CJP Founder @abhijeet_dipke releases a video thanking everyone who made the huge victory of the youth possible.
He also thanks all critics for helping him improve, and eventually deliver on the promise of the Cockroach Janta Party’s first campaign. #ANewDay pic.twitter.com/1JQNozymLo
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 26, 2026
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने सीजेपी की तीनों मुख्य मांगें स्वीकार कर ली हैं. ये मांगें थी –
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पद से त्यागपत्र.
प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर (FIR) की वापसी और नई प्राथमिकियां दर्ज न करने का आश्वासन.
नीट पेपर लीक से प्रभावित एवं पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा.
मांगों पर लिखित सहमति और मंत्री के इस्तीफे की घोषणा होते ही जंतर-मंतर पर छात्रों ने जीत का जश्न मनाया था और इसके पश्चात धरना स्थल को पूरी तरह खाली कर दिया गया.
हिंदी पोस्ट डॉट इन
