90 लाख रूपए में MCD चुनाव का टिकट बेचने के आरोप में AAP विधायक के ‘रिश्तेदार’ समेत 3 लोग गिरफ्तार

Akhilesh Pati Tripathi AAP MLA (1)

आप विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी (फाइल फोटो)

The Hindi Post

नई दिल्लीदिल्ली में MCD (नगर निगम) चुनाव से पहले एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है. ACB ने आम आदमी पार्टी विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी के एक रिश्तेदार सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इन पर पैसे लेकर पार्षद का टिकट बेचने का आरोप है.

गिरफ्तार किए गए लोगों पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) का टिकट कथित तौर पर 90 लाख रुपये में बेचने का आरोप है.

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान ओम सिंह, शिव शंकर पांडेय उर्फ विशाल पांडेय और प्रिंस रघुवंशी के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि ओम सिंह विधायक त्रिपाठी का रिश्तेदार है. वही पांडेय, विधायक का निजी सचिव है. इन्हें पीओसी अधिनियम की धारा 7/13 और आईपीसी की धारा 171 (ए) के तहत गिरफ्तार किया गया है.

यह मामला आम आदमी पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता से जुड़ा है. ACB के अनुसार, इस महिला से पार्षद की टिकट के लिए 90 लाख रूपए मांगे गए थे. महिला जिनका नाम शोभा खारी है ने कमला नगर वार्ड 69 से पार्षद का चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांगा था.

डीसीपी ACB मधुर वर्मा ने कहा, शिकायतकर्ता गोपाल खारी की पत्नी शोभा खारी को एमसीडी चुनाव में AAP का टिकट दिलाने के एवज में रिश्वत लेते आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

14 नवंबर को, शिकायतकर्ता गोपाल खारी (शोभा के पति) ने ACB से अपनी शिकायत में कहा कि वह 9 नवंबर को अखिलेश पति त्रिपाठी, विधायक, मॉडल टाउन, से मिले थे और अपनी पत्नी के लिए टिकट की मांग कि थी.

शिकायतकर्ता ने आगे कहा कि त्रिपाठी ने इसके लिए 90 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की.

ACB अधिकारी ने कहा, “खारी ने त्रिपाठी को 35 लाख रुपये और राजेश गुप्ता (विधायक वजीरपुर) को 20 लाख रुपये की रिश्वत दी. उन्होंने (खारी) त्रिपाठी को आश्वासन दिया कि टिकट मिलने के बाद शेष 35 लाख का भुगतान वह करेंगे. 12 नवंबर को जारी पार्टी की टिकट लिस्ट (पार्षदों की सूची) में खारी को अपनी पत्नी का नाम देखने को नहीं मिला. यह टिकट किसी और व्यक्ति दो दे दिया गया था.”

ACB अधिकारी ने आगे कहा, “इसके बाद, ओम सिंह ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया और उन्हें आश्वासन दिया कि अगले चुनाव में उन्हें टिकट दिया जाएगा. ओम ने पैसे (रिश्वत की राशि) वापस करने की भी पेशकश की. खारी ने पैसों के भुगतान के दौरान हुए कथित सौदे की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग हमे उपलब्ध करवा दी है.”

शिकायत मिलने के बाद ACB ने आरोपियों को पकड़ने के लिए अपने आला अधिकारियों की एक टीम गठित की. 15 और 16 नवंबर की दरमियानी रात को ACB की टीम ने खारी के आवास पर आरोपी ओम सिंह और उसके सहयोगी पांडेय और रघुवंशी को गिरफ्तार कर लिया. यह लोग घुस के 33 लाख रूपए खारी को देने के लिए उनके घर आए थे. इसी दौरान ACB ने तीनों को रांगे-हाथ धर लिया.

ACB अधिकारी ने कहा कि एक स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में तीनों को कॅश के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.

अधिकारी ने आगे कहा, “33 लाख रुपये की रिश्वत की राशि जब्त कर ली गई है. मामले में आगे की जांच जारी है.”

हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
(इनपुट्स: आईएएनएस)

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