अरविंद केजरीवाल के आवास पर हुई “आप” विधायकों की बैठक, यह जानकारी निकल कर आई सामने

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नई दिल्ली | दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की करारी हार के बाद रविवार को अरविंद केजरीवाल के आवास पर “आप” विधायकों की बैठक हुई. बैठक के बाद पार्टी के विधायकों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अब वो मजबूत विपक्ष की भूमिका न‍िभाएंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली विधानसभा में जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा.

विधायकों ने कहा कि भाजपा को बिजली, पानी और महिलाओं को 2500 रुपये की सहायता राशि देने जैसे मुद्दों पर काम करना चाहिए. यदि बीजेपी इन मुद्दों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाती तो विपक्ष जनता के साथ मजबूती से खड़ा होगा. विधायकों ने आरोप लगाया कि दिल्ली के वोटरों को डराया और धमकाया गया था. साथ ही उन्हें लालच भी दिया गया था. इस कारण उनकी पार्टी को सत्ता में नहीं आ पाई.

आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि बैठक में चर्चा हुई कि हमारे 22 विधायकों की सदन में क्‍या भूमिका होगी. हमें यह तय करना है कि जो वादे भारतीय जनता पार्टी ने किए हैं या पिछले 10 सालों में जो काम नहीं हुए, उनका क्रियान्वयन कैसे किया जाएगा और किस तरह से बीजेपी को सदन में घेरना है. हम महि‍लाओं को हर माह 2500 रुपये देने की बीजेपी की घोषणा पर अमल कराने के ल‍िए दबाव बनाएंगे.

भाजपा द्वारा शीश महल और शराब घोटाला मामले को लेकर आम आदमी पार्टी को घेरने की वजह से पार्टी को नुकसान होने के सवाल पर संजीव झा ने कहा कि भाजपा प्रोपेगेंडा करती है और मुझे लगता है कि इस देश का दुर्भाग्य यह है कि उसका शिकार मीडिया भी हो जाती है. कई लोग उस प्रोपेगेंडा का हिस्सा बन जाते हैं. एक झूठ को अगर बार-बार कहा जाए, तो जनता उसे सच मानने लगती है. यह प्रचार इतना प्रभावी था कि कई लोग इसे सच मान बैठे हों लेकिन दोनों दलों के बीच वोट प्रतिशत का अंतर अध‍िक नहीं है. हम कई सीटें बहुत कम मतों से हारे हैं. मुझे लगता है कि बीजेपी ने लोगों को डराकर, तंत्र का इस्तेमाल कर पर‍िणाम अपने पक्ष में क‍िया.

विधायक प्रेम कुमार चौहान ने बैठक को नार्मल मीटिंग बताते हुए कहा कि चाय पर एक गेट-टू-गेदर था. दिल्ली की जनता ने भाजपा को जो सम्मान दिया है, हम उसका आदर करते हैं और साथ ही हमें एक मजबूत विपक्ष का भी जिम्मा दिया है. 22 व‍िधायकों के साथ हम एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएंगे. अब यह देखना होगा कि जो वादे बीजेपी ने दिल्ली की जनता से किए हैं, उन्हें वह कब और कैसे पूरा करती है. इस पर हमारी पूरी नजर रहेगी.

उन्होंने आगे कहा कि शराब घोटाला या शीश महल के मुद्दे से मुझे नहीं लगता कि जनता को इससे कोई फर्क पड़ा. जनता हमारे साथ थी. फर्क सिर्फ इतना था कि इस बार चुनाव आयोग चुनाव नहीं करा रहा था. भाजपा के बजाय गुंडे चुनाव लड़ रहे थे. जिस तरह से पुलिस का दुरुपयोग किया गया, प्रशासन का मिसयूज किया गया, वह लोकतंत्र के लिए बहुत शर्मनाक था. वहीं, नेता विपक्ष को लेकर सवाल किए जाने पर चौहान ने कहा कि इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है. हम 22 लोग हैं और विपक्ष की भूमिका निभाएंगे. हर एक विधायक अपनी आवाज उठाएगा और विपक्ष का काम करेगा.

विधायक चौधरी जुबैर अहमद ने कहा कि मीटिंग सामान्य थी, 22 विधायकों से सामान्य चर्चा हुई. यह चाय पर चर्चा थी, जिसमें क्षेत्र में काम करने की बात की गई. हमें जिस उम्मीद से जनता ने चुनाव जीतकर भेजा है, उस उम्मीदों पर खरा उतरना है और अपने क्षेत्र में काम करना है.

उन्होंने कहा कि भाजपा धर्म का कार्ड खेलती है, क्योंकि उन्हें पता है कि धर्म के कार्ड से हटकर उनके पास कुछ नहीं है. अगर धर्म का कार्ड छीन लिया जाए, तो उनके पास बात करने के लिए कुछ नहीं बचता.

आईएएनएस

 

 


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