अनोखा मामला ! 15 अगस्त पर मिला सिर्फ एक लड्डू तो शख्स ने सीएम से कर दी शिकायत, फिर जो हुआ…
अनोखा मामला ! 15 अगस्त पर मिला सिर्फ एक लड्डू तो शख्स ने सीएम से कर दी शिकायत, हुआ ये एक्शन…
अक्सर ऐसी शिकायतें आती हैं जो पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन जाती हैं. क्योंकि बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य से जुड़ी शिकायतें तो आम होती है. लेकिन अगर कोई लड्डू नहीं मिलने की शिकायत भी सीएम हेल्पलाइन में कर दें तो यह चर्चा का विषय जरूर बन जाती है. मध्य प्रदेश के भिंड जिले में कुछ ऐसा ही देखने को मिला है, जहां एक युवक को 15 अगस्त पर एक लड्डू मिला तो उसने इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में कर दी. जिसके बाद अब शिकायत वापस लेने के लिए पंचायत के सचिव लगातार युवक के चक्कर काट रहे हैं, सचिव ने उससे कहा कि वह उसे बाजार से खरीदकर लड्डू दे देगा बस शिकायत वापस ले लीजिए.
यह मामला भिंड जिले के नौधा गांव का बताया जा रहा है कि पंचायत में 15 अगस्त को ध्वजारोहण का कार्यक्रम हुआ और इसके बाद ग्रामीणों को लड्डू बांटे गए. इस दौरान कमलेश कुशवाहा को एक लड्डू दिया गया, लेकिन उसने दो लड्डूओं की डिमांड की थी, लेकिन उसे एक ही लड्डू दिया गया, जिससे वह इतना नाराज हो गया कि उसने तत्काल मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में कर दी और कहा कि मुझे 15 अगस्त के कार्यक्रम में एक ही लड्डू दिया गया है, गांव में पर्याप्त लड्डू नहीं बांटे गए, इसलिए हमारी समस्या का निराकरण जल्द से जल्द किया जाए. सीएम हेल्पलाइन में उसकी शिकायत दर्ज की गई और फिर इस मामले में गांव के पंचायत सचिव को तलब किया गया कि आखिर ग्रामीण को दो लड्डू क्यों नहीं दिए गए.
बताया जा रहा है कि गांव के सचिव रवींद्र श्रीवास्तव ने 15 अगस्त के कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों को पंचायत कर्मचारी धर्मेंद्र से एक-एक लड्डू सभी को देने के लिए कहा था, लेकिन कमलेश कुशवाहा ने दो लड्डू मांगे थे, जिसे देने से मना कर दिया गया था. इसी मामला बिगड़ा. वहीं सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद पंचायत सचिव अब कमलेश कुशवाहा को बाजार से लडडू दिलाएंगे, ऐसे में आदेश उन्हें दिए गए हैं, ऐसे में अब कमलेश से शिकायत वापस लेने की मांग कर रहे हैं.
भिंड जिले में लड्डू का यह मामला सीएम हेल्पलाइन में पहुंचा तो अब चर्चा में बना हुआ है. क्योंकि लड्डू की यह लोकतांत्रिक लड़ाई पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है. वहीं सचिव को कमलेश को मन भरकर लड्डू खिलाने होंगे.
