पेट्रोल पर 1.5 रुपए और डीजल पर 13.5 रुपए की टैक्स कटौती का सरकार ने किया ऐलान, इस दिन से लागू होगा फैसला

petrol 223344 IANS (1) (1)

फोटो: आईएएनएस

The Hindi Post

पेट्रोल पर 1.5 रुपए और डीजल पर 13.5 रुपए की टैक्स कटौती का सरकार ने किया ऐलान, इस दिन से लागू होगा फैसला

 

नई दिल्ली | केंद्र सरकार ने 1 जून से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए पेट्रोल, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर लगने वाले निर्यात शुल्क में संशोधन किया है.

एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क 1.5 रुपए प्रति लीटर, डीजल के निर्यात पर 13.5 रुपए प्रति लीटर और एटीएफ के निर्यात पर 9.5 रुपए प्रति लीटर निर्धारित किया गया है.

हालांकि, सरकार ने घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क के दरों में कोई बदलाव नहीं किया है.

अधिसूचना के अनुसार, नई दरें कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की अंतरराष्ट्रीय औसत कीमतों को ध्यान में रखते हुए तय की गई हैं.

पश्चिम एशिया संकट के बीच देश में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और निर्यात को नियंत्रित करने के उद्देश्य से 27 मार्च 2026 को इन निर्यात शुल्कों को लागू किया गया था. इससे पहले आखिरी संशोधन 16 मई 2026 से प्रभावी हुआ था.

16 मई को सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्यात कर में बदलाव करते हुए पेट्रोल के निर्यात पर 3 रुपए प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) लगाया था, जबकि डीजल पर शुल्क घटाकर 16.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया था.

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया था कि पेट्रोल निर्यात पर 3 रुपए प्रति लीटर की नई दर लागू होगी, जबकि डीजल पर शुल्क 16.5 रुपए प्रति लीटर निर्धारित किया गया था. इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर सड़क एवं अवसंरचना उपकर को शून्य कर दिया गया था. घरेलू ईंधन कर दरों में तब भी कोई बदलाव नहीं किया गया था.

इससे पहले डीजल पर निर्यात शुल्क में कई बार बदलाव किया गया. 26 मार्च को इसे 21.50 रुपए प्रति लीटर तय किया गया था, जिसे 11 अप्रैल को बढ़ाकर 55.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया. बाद में 30 अप्रैल को इसे घटाकर 23 रुपए प्रति लीटर किया गया और अब इसे और कम करके 13.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है.

इसी तरह एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर भी शुल्क में कई बदलाव हुए. शुरुआत में यह 29.5 रुपए प्रति लीटर था, जिसे बढ़ाकर 42 रुपए प्रति लीटर किया गया. बाद में इसे घटाकर 33 रुपए प्रति लीटर किया गया और अब इसे और कम करके 9.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है.

पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक तेल बाजार में आई अस्थिरता के बीच देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और निर्यात को नियंत्रित करने के लिए यह विंडफॉल टैक्स व्यवस्था लागू की गई थी.

IANS

1 जून से पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात शुल्क में बदलाव, घरेलू ईंधन दरें अपरिवर्तित

 


The Hindi Post
error: Content is protected !!