इस वायरस से 80 मौतें, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने घोषित की ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी
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क्या दुनिया पर मंडरा रहा है एक और खतरा? WHO ने घोषित की ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी, जानें कांगो-युगांडा से आई यह डराने वाली रिपोर्ट….
जिनेवा/किंशासा | विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रविवार को यह निर्धारित किया कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो (DRC) और युगांडा में पैर पसार रहा ‘इबोला’ (Ebola) का प्रकोप अब “अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल” (PHEIC) बन चुका है.
हालांकि, डब्लूएचओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर स्पष्ट किया कि बुंदीबुग्यो (Bundibugyo) वायरस के कारण फैल रहा यह प्रकोप फिलहाल वैश्विक महामारी (Pandemic) के मानदंडों के अंतर्गत नहीं आता है.
सैकड़ों संदिग्ध मामले और मौतें
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) ने जानकारी दी है कि कांगो के इतूरी प्रांत में इबोला के सैकड़ों संदिग्ध मामले सामने आए हैं.
डीआरसी के स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान से परामर्श के बाद अफ्रीका सीडीसी ने बताया कि राष्ट्रीय जैव चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (INBR) द्वारा किए गए प्रारंभिक परीक्षणों में, 20 नमूनों में से 13 में इस खतरनाक वायरस की पुष्टि हुई है.
आंकड़ों के अनुसार, मुख्य रूप से मोंगवालु और र्वाम्परा क्षेत्रों में लगभग 246 संदिग्ध मामले और 65 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं. इसके अलावा बुनिया शहर से भी संदिग्ध मामले सामने आए हैं.
पड़ोसी देशों में प्रसार का बड़ा खतरा
अफ्रीका सीडीसी ने चेतावनी दी है कि शहरी क्षेत्रों, सघन आबादी की आवाजाही, खनन गतिविधियों, सुरक्षा संबंधी अस्थिरता और युगांडा तथा दक्षिण सूडान के साथ लगती भौगोलिक सीमाओं के कारण इस वायरस के तेजी से फैलने का अत्यधिक जोखिम बना हुआ है.
इस गंभीर स्थिति से निपटने, सीमा पार समन्वय को मजबूत करने, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया प्रयासों को तेज करने के लिए एजेंसी शुक्रवार दोपहर को डीआरसी, युगांडा और दक्षिण सूडान के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ-साथ प्रमुख अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ एक आपातकालीन बैठक आयोजित कर रही है.
IANS/Hindi Post Dot In
