पश्चिम बंगाल विधानसभा भंग, ममता बनर्जी अब मुख्यमंत्री नहीं

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फोटो: आईएएनएस

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पश्चिम बंगाल विधानसभा भंग, ममता बनर्जी अब मुख्यमंत्री नहीं

 

कोलकाता | पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने गुरुवार को राज्य विधानसभा को भंग कर दिया. राज्यपाल ने यह निर्णय तृणमूल चीफ ममता बनर्जी के चुनाव हारने के बावजूद इस्तीफा देने से मना करने के बाद लिया.

राज्यपाल आरएन रवि ने ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल को भी बर्खास्त कर दिया है. इसके लिए उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 174 (2) (बी) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल किया है.

लोकभवन, कोलकाता की तरफ से जारी पत्र में कहा गया कि राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग करने का आदेश दिया है. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है.

दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद राज्य में राजनीतिक टकराव की स्थिति पैदा हो गई खासकर ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार करने के बाद.

ममता बनर्जी 2011 से लगातार पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज थीं. वह तीन बार राज्य की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं. 2026 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ी जीत हासिल की है. भाजपा ने 293 में से 207 सीट हासिल की है, जबकि तृणमूल 80 सीटों तक ही सिमट कर रह गई. बंगाल में बहुमत का जादुई आंकड़ा छूने के लिए 148 सीट चाहिए थीं, लेकिन भाजपा ने 207 सीटों के साथ यह आंकड़ा भी पार कर लिया. वहीं, एक सीट फाल्टा पर 21 मई को मतदान और 24 मई को नतीजे आएंगे.

इस बीच ममता बनर्जी को सबसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. वह अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से 15 हजार से ज्यादा वोटों से हार गई हैं. हालांकि, उन्होंने हार मानने से इनकार कर दिया. उनका आरोप है कि चुनाव में बड़े स्तर पर धांधली की गई जिसके चलते उनसे जनता का जनादेश छीन लिया गया. ममता ने इस्तीफा देने से इनकार करते हुए कहा कि हम हारे नहीं हैं, बल्कि हमें हराया गया है.

 

पश्चिम बंगाल : इस्तीफा नहीं देने पर अड़ी रहीं ममता बनर्जी, राज्यपाल ने भंग की विधानसभा (आईएएनएस)

 


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