76 साल बाद 92 साल की उम्र में अपनी मैट्रिक का सार्टिफिकेट लेने पहुंचे पांच बार के विधायक, सुर्खियों में रही उनकी सादगी
76 साल बाद 92 साल की उम्र में अपनी मैट्रिक का सार्टिफिकेट लेने पहुंचे पांच बार के विधायक, सुर्खियों में रही उनकी सादगी
आजमगढ़ के निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से पांच बार के सपा विधायक जनाब आलम बदी आजमी मंगलवार को 76 वर्ष के अंतराल के बाद हाईस्कूल का सर्टिफिकेट लेने गोरखपुर पहुंचे. उन्होंने बक्शीपुर के इस्लामिया इंटर कॉलेज से वर्ष 1950 में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की थी. इस दौरान उन्होंने स्कूल के टॉपरों को सम्मानित भी किया. लंबे अंतराल के बाद कॉलेज पहुंचे विधायक, कॉलेज की बिल्डिंग की दीवारों और कक्षाओं को देखकर भावुक हो गए.
जनाब आलम बदी आजमी (92) प्रदेश के वयोवृद्ध विधायकों में शुमार हैं. वह पांच बार विधानसभा में पहुंच चुके हैं. स्कूटर से या पैदल चलने के चलते उनकी सादगी सुर्खियों में रहती है. विधायक के पिता वदीउज्जमा आजमी इस्लामिया कॉलेज में गेम टीचर थे. वह परिसर में ही रहते थे, लिहाजा विधायक की कक्षा चार से इंटरमीडिएट तक की शिक्षा इस्लामिया से हुई. इसके बाद उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा की पढ़ाई की.
मंगलवार को 76 साल बाद विधायक सर्टिफिकेट लेने पहुंचे तो उनके सम्मान में कार्यक्रम को भव्यता दी गई और विधायक के हाथों ही टॉपरों को सम्मानित कराया गया. कार्यक्रम में मौजूद सपा सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री रहे मोहसिन खां बताते हैं कि इस दौरान वह शिक्षकों, बिल्डिंग, कॉलेज के अनुशासन की बात ही करते रहे. लंबा समय बीत जाने के बावजूद उन्हें अपने कॉलेज के दिनों की बहुत सी बातें याद हैं. अपने शिक्षक, दोस्त और कॉलेज में बिताए उन सालों की याद उन्हें बार-बार आती रही और वे उस बारे में बताते रहे.
कॉलेज के प्रबंधक महबूब हरिस का कहना है कि एसआईआर शुरू होने के चंद दिन पहले विधायक ने कॉलेज से जुड़ाव को याद कर हाईस्कूल के सर्टिफिकेट की इच्छा जाहिर की थी. इस पर कॉलेज ने उन्हें सर्टिफिकेट दिए जाते समय समारोह के बारे में सोचा. कॉलेज के लिए उनका आगमन गर्व का विषय है. समारोह में उन्हें तो सर्टिफिकेट मुहैया कराया ही गया. उनके हाथों टॉपरों का सम्मान भी हुआ. उनकी बातें कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए काफी प्रेरक रहीं.
पांच बार के विधायक आलम बदी आजमी ने स्कूल के बाद डिप्लोमा की पढ़ाई की. सिंचाई विभाग में नौकरी के दौरान उनकी गोरखपुर की गोला तहसील में भी तैनाती रही. नौकरी के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया. आजमगढ़ के निजामाबाद सीट से सपा के टिकट पर 1993, 1996, 2002, 2012, 2022 में जीत हासिल की. पूर्व मुख्यमंत्री स्व. मुलायम सिंह यादव के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव वयोवृद्ध विधायक से परिवारिक रिश्तों को निभा रहे हैं.
