युद्धपोत डुबोने पर ईरान के विदेश मंत्री ने दी प्रतिक्रिया, यूएस से कही यह बात
ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची / (फोटो क्रेडिट : आईएएनएस)
युद्धपोत डुबोने पर ईरान के विदेश मंत्री ने दी प्रतिक्रिया, यूएस से कही यह बात
तेहरान | ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने हिंद महासागर में ईरानी फ्रिगेट आईआरआईएस डेना पर हमला करने और उसे डुबोने पर दुख जताते हुए अमेरिका की कड़े शब्दों में निंदा की है. उन्होंने इस घटना को “समुद्र में की गई क्रूरता” बताया और कहा कि वाशिंगटन को इसका “बहुत पछतावा” होगा.
अराघची ने कहा कि युद्धपोत हाल ही में भारतीय नौसेना के पास आया था और हमले के समय उसमें करीब 130 नाविक सवार थे. उन्होंने यूएस पर ईरान के इलाके से दूर पानी में बिना किसी चेतावनी के हमला करने का आरोप लगाया.
ईरान के विदेश मंत्री ने एक्स पोस्ट में कहा, “अमेरिका ने ईरान के किनारों से 2,000 मील दूर समुद्र में क्रूरता की. फ्रिगेट डेना, जो भारतीय नौसेना का मेहमान था और जिसमें करीब 130 नाविक थे, उस पर बिना किसी चेतावनी के अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र में हमला किया गया. मेरी बात याद रखें: यूएस ने जो मिसाल कायम की है, उस पर उसे बहुत पछतावा होगा.”
ईरानी विदेश मंत्री की यह बात तब आई जब एक अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास हिंद महासागर में आईआरआईएस डेना पर टॉरपीडो मारकर डुबो दिया. दूसरे विश्व युद्ध के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि अमेरिका ने पनडुब्बी से दागे गए टॉरपीडो का इस्तेमाल कर किसी जहाज को डुबोया है.
यह एक छोटा ईरानी युद्धपोत था, जो पिछले महीने भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर लौट रहा था. ईरानी नेवी का फ्रिगेट-क्लास वेसल आईआरआईएस डेना, 18 से 25 फरवरी तक एक अभियान में शामिल हुआ था.
इस बहुराष्ट्रीय नौसेना अभियान में लगभग 74 देशों ने हिस्सा लिया था. अमेरिका ने इस अभियान में हिस्सा नहीं लिया. अमेरिकी नौसेना के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस पिंकनी को शुरू में हिस्सा लेना था, लेकिन इसके शुरू होने से कुछ समय पहले ही उसने इसमें न शामिल होने का फैसला लिया था.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्धपोत देना आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से वापसी कर रहा था, जब 4 मार्च को श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास इंटरनेशनल पानी में उस पर हमला हुआ.
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बाद में दावा किया कि हिंद महासागर में ईरान का एक युद्धपोत अमेरिका ने टॉरपीडो से हमला करके डुबो दिया है.
हमले के बाद, इलाके में बचाव की कोशिशें शुरू की गईं. श्रीलंकाई नेवी ने अब तक इससे लगभग 30 नाविकों को बचाने का दावा किया. बचे हुए लोगों को दक्षिणी पोर्ट शहर गाले के करापितिया हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.
IANS
ईरानी युद्धपोत डुबोने पर यूएस को होगा पछतावा अब्बास अराघची
