America-Israel Vs Iran: किस तकनीक और हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है अमेरिका, जानकारी आई सामने

Pete Hegseth (1)
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America-Israel Vs Iran: किस तकनीक और हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है अमेरिका, जानकारी आई सामने

 

वॉशिंगटन | ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में अमेरिका स्वायत्त प्रणालियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों का उपयोग कर रहा है. यह जानकारी अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बुधवार को दी.

पेंटागन में ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की ब्रीफिंग के दौरान हेगसेथ ने पुष्टि की कि उन्नत तकनीकें इस युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. हालांकि, उन्होंने इस जानकारी की डिटेल शेयर नहीं की.

हेगसेथ ने कहा, “हमारे पास कई तरह की स्वायत्त प्रणालियां हैं जिनमें ड्रोन और ऐसे सिस्टम शामिल हैं जो उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक से लैस हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “हालांकि इनमें से कई तकनीकों के बारे में मैं यहां विस्तार से चर्चा नहीं कर सकता.”

स्वायत्त प्रणालियों का उपयोग आधुनिक युद्ध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है, खासकर ड्रोन संचालन, निगरानी और लक्ष्यों की पहचान जैसे क्षेत्रों में.

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान अभियान (ईरान के खिलाफ) में लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक, नौसेना के ऑपरेशन्स और सटीक हवाई हमले शामिल हैं. ये ईरान की सैन्य संरचना को नष्ट करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं.

संयुक्त सैन्य प्रमुख, एयर फोर्स जनरल डैन केन ने कहा कि ऑपरेशन के पहले चरण में अमेरिका ने हजारों लक्ष्य निशाना बनाए हैं. उन्होंने कहा कि अब तक, हमने 2,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया है.

इस सैन्य अभियान के तीन मुख्य उद्देश्य हैं, ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम को नष्ट करना, ईरानी नौसेना को निष्क्रिय करना और यह सुनिश्चित करना कि ईरान तेजी से अपनी सैन्य क्षमताओं का पुनर्निर्माण न कर सके.

केन ने कहा, “हम ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम को निशाना बना रहे हैं. साथ ही हम ईरानी नौसेना को नष्ट कर रहे हैं. तीसरे, हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि ईरान अपनी युद्ध क्षमता को तेजी से पुनर्निर्मित न कर सके.”

पेंटागन ने बताया कि जैसे-जैसे अभियान आगे बढ़ रहा है, अमेरिकी सुरक्षा बल रणनीति बदल रहा हैं – पहले लंबी दूरी के हमले हुए लेकिन अब ईरान के ऊपर सीधे सटीक हमले किए जा रहे हैं.

अमेरिका का कहना है कि ये अभियान ईरानी सुरक्षा बलों पर लगातार दबाव बनाए रखने और उनके मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता को बाधित करने के लिए हैं.

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरानी हमलों की तीव्रता में काफी गिरावट आई है.

इसके बावजूद, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यह संघर्ष खतरनाक और अप्रत्याशित बना हुआ है.

केन ने कहा, “ये अभियान जटिल, खतरनाक हैं और अभी खत्म नहीं हुआ है.”

 

 


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