राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद पाकिस्तान ने दी थी प्रतिक्रिया अब भारत ने लगाई फटकार, सरकार की ओर से आया यह बयान

Randhir Jaiswal Spokesperson MEA (1)

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल

The Hindi Post

India Vs Pak On Ram Mandir: भारत और पाकिस्तान के बीच बयानबाजी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर पीएम मोदी द्वारा ध्वजारोहण किए जाने के बाद पाकिस्तान ने इस पर आपत्ति जताई. इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया और कहा कि जिस देश में खुद अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होते हों, उसे भारत को ज्ञान देने का कोई अधिकार नहीं है. आइए पूरी घटना को सरल शब्दों में समझते हैं.

भारत का पाकिस्तान को सख्त जवाब
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान को अल्पसंख्यकों और कट्टरता पर भारत को सीख देने का कोई हक नहीं है. पाकिस्तान में दशकों से हिंदू, सिख, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होते आए हैं. इसलिए भारत अपने धार्मिक स्थलों या अपने निर्णयों पर किसी बाहरी देश से आदेश नहीं लेगा. भारत ने साफ कहा कि पाकिस्तान अपनी नीतियों को सुधारने पर ध्यान दे, न कि भारत की आंतरिक बातों में दखल दे.

राम मंदिर पर ध्वजारोहण से पाकिस्तान को आपत्ति
पाकिस्तान का कहना था कि अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर पीएम मोदी द्वारा ध्वजारोहण करना भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर दबाव बढ़ाने का उदाहरण है. पाकिस्तान ने दावा किया कि जहां पहले बाबरी मस्जिद थी, वहीं अब राम मंदिर बना दिया गया है, और इसे भारत का कदम मुस्लिम विरासत को मिटाने की कोशिश है. वहीं भारत में मंगलवार को अभिजीत मुहूर्त में पीएम मोदी ने 161 फीट ऊंचे मंदिर के शिखर पर 2 किलो की केसरिया धर्मध्वजा फहराई. इसके बाद पीएम मोदी, मोहन भागवत और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथ जोड़कर प्रणाम भी किया. यह पूरा कार्यक्रम देश के लिए एक ऐतिहासिक पल माना गया.

पाकिस्तान ने UN से दखल की मांग की
पाकिस्तान ने सिर्फ बयान नहीं दिया, बल्कि संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से भारत के खिलाफ दखल देने की भी मांग की. पाकिस्तान ने कहा कि भारत में मुसलमानों को सामाजिक और राजनीतिक रूप से पीछे धकेला जा रहा है. उसने यह तक कहा कि भारत की कई मस्जिदें खतरे में हैं और अल्पसंख्यकों के अधिकार सुरक्षित नहीं हैं. पाकिस्तान का आरोप है कि बाबरी मस्जिद गिराने के आरोपियों को बरी किया गया और उसी जगह मंदिर निर्माण की अनुमति दी गई, जो कथित तौर पर अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव दिखाता है. हालांकि भारत इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करता है और इसे पाकिस्तान की पुरानी आदत बताता है.

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार
भारत पर अनगिनत आरोप लगाने वाला पाकिस्तान खुद अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को रोकने में नाकाम रहा है. अमेरिका की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की शुरुआत में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हमले, धमकियां और जबरन धर्म परिवर्तन जैसी घटनाएं बढ़ी हैं. कई मामलों में दोषियों पर कार्रवाई तक नहीं की गई. सिंध और पंजाब में तो हिंदू और ईसाई लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन आम बात है. कुछ साल पहले पाकिस्तान में 100 साल पुराने एक हिंदू मंदिर में भीड़ ने आग लगा दी थी. इन सबके बावजूद पाकिस्तान भारत पर आरोप लगाता है, जो खुद उसके दोगले रवैये को दिखाता है.

इजराइल ने दी बधाई
जहां पाकिस्तान राम मंदिर और ध्वजारोहण का विरोध कर रहा था, वहीं कई देशों ने भारत को बधाई भी दी. भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने X पर कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए कहा कि अयोध्या में ध्वजारोहण का पल भारतीय सभ्यता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने अपनी पिछली अयोध्या यात्रा की तस्वीरें भी पोस्ट कीं. इससे साफ दिखता है कि दुनिया भारत की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान दे रही है, जबकि पाकिस्तान बिना आधार के विवाद बढ़ा रहा है.

 


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