पाकिस्तान में हो रहे प्रदर्शन पर भारत का बड़ा बयान आया, विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
नई दिल्ली | पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में हो रहे व्यापक प्रदर्शनों को भारत ने पाकिस्तान के दमनकारी रवैये और संसाधनों की संगठित लूट का “स्वाभाविक परिणाम” करार दिया है. इन प्रदर्शनों में अब तक दर्जनभर से अधिक लोगों की मौत की खबर है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि भारत को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के कई हिस्सों में जारी प्रदर्शनों और वहां के सुरक्षा बलों द्वारा स्थानीय लोगों पर की जा रही बर्बरताओं की जानकारी है.
उन्होंने कहा, “हमने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के कई क्षेत्रों में प्रदर्शनों और निर्दोष नागरिकों पर पाकिस्तानी बलों की बर्बरताओं की रिपोर्टें देखी हैं. यह पाकिस्तान के दमनकारी दृष्टिकोण और इन क्षेत्रों के संसाधनों की संगठित लूट का स्वाभाविक परिणाम है. यह क्षेत्र उसके अवैध कब्जे में हैं. पाकिस्तान को अपने मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.”
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा हैं और रहेंगे. उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं, हमेशा थे और हमेशा रहेंगे. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भी हमारा अभिन्न हिस्सा है.”
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) की हड़ताल के दौरान हिंसक झड़पें हो रही है. इनमें कई लोग मारे गए है. मारने वालों में पुलिसकर्मी भी शामिल है. साथ ही दर्जनों लोग घायल भी हुए है.
हड़ताल के चलते पीओके में व्यापारिक गतिविधियां ठप हो गई हैं और संचार व्यवस्था बाधित है. धीर कोट समेत कई इलाकों में झड़पें हुईं है. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इन झड़पों में 172 पुलिसकर्मी और 50 नागरिक घायल हुए हैं.
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, मुज़फ़्फराबाद, मीरपुर, पुंछ, नीलम, भिंबर और पलंदरी जैसे क्षेत्रों में जेएएसी के नेता शौकत नवाज़ मीर की अगुवाई में हड़ताल के बाद जनजीवन ठप हो गया. बाजार बंद हैं, सड़कों पर जाम है और मुज़फ़्फराबाद में इंटरनेट सेवाएं सीमित कर दी गई हैं.
आईएएनएस
