भारत की नकल करने जा रहा पाकिस्तान… अब करेगा यह काम
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने माना है कि उनके देश का अतीत आतंकी संगठनों को समर्थन देने का रहा है (फोटो क्रेडिट: आईएएनएस)
इस्लामाबाद | ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद भारत अब पाकिस्तान को बेनकाब करने की तैयारी कर रहा है. केंद्र सरकार पूरे विश्व को बताएगी कि पाकिस्तान आतंकवाद का सबसे बड़ा गढ़ है. अब पाकिस्तान भी भारत की नकल करने वाला है. पाकिस्तान ने भारत की नकल करते हुए अपने प्रतिनिधिमंडल को विदेश भेजने का फैसला किया है.
दरअसल, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान 7 से 10 मई तक तक चली सैन्य झड़प में अपमान का सामना करने वाला पाकिस्तान, भारत के हर कदम को फॉलो कर रहा है. पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सेना का हौसला बढ़ाने जवानों के बीच पहुंच गए थे और अब पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो वैश्विक मंच पर पाकिस्तान का पक्ष रखेंगे.
इस बारे में भुट्टो ने एक्स पर जानकारी साझा की है. उन्होंने लिखा, “आज सुबह प्रधानमंत्री शहबाज ने मुझसे संपर्क किया. उन्होंने अनुरोध किया कि मैं अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करूं. मैं इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने और इन चुनौतीपूर्ण समय में पाकिस्तान की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं.”
आपको बता दे कि ऐसा तब हो रहा है जब भारत सरकार ने 7 प्रतिनिधिमंडलों का गठन किया है. इन प्रतिनिधिमंडलों में सभी पार्टियों के सदस्य शामिल है.
कांग्रेस नेता शशि थरूर, भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद और एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी सहित सांसदों, राजनीतिक नेताओं और पूर्व राजनयिकों वाले सात भारतीय प्रतिनिधिमंडल – उत्तरी अमेरिका, यूरोप और पश्चिम एशिया के प्रमुख देशों की यात्रा करेंगे और पाकिस्तान के खिलाफ सबूत देंगे.
हालांकि, भारत के विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि भारत पाकिस्तान के साथ केवल आतंकवाद के मुद्दे पर ही बातचीत करेगा और सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक कि इस्लामाबाद से समर्थित सीमा पार आतंकवाद को “पूरी तरह से रोक नहीं दिया जाता”.
विदेश मंत्री जयशंकर ने गुरुवार को कहा था कि जम्मू-कश्मीर से जुड़ा एकमात्र मुद्दा जिस पर नई दिल्ली इस्लामाबाद के साथ चर्चा करने को तैयार है, वह है पाकिस्तान के अवैध रूप से कब्जा किए गए क्षेत्र के हिस्सों को खाली करना.
IANS/Hindi Post Web Desk
