बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक ने किया एलान, इस दिन करेंगे अपने राजनीतिक दल को लॉन्च, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के साथ …
तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर (फाइल फोटो | आईएएनएस)
बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक ने किया एलान, इस दिन करेंगे अपने राजनीतिक दल को लॉन्च, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के साथ …
कोलकाता | तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने इच्छा जताई है कि 22 दिसंबर को नया राजनीतिक दल लॉन्च करने के बाद वह ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के साथ चुनावी गठबंधन करना चाहेंगे.
उन्होंने सीपीआई (एम), कांग्रेस और नौशाद सिद्दीकी की इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) को भी राज्य में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और केंद्र में भाजपा के खिलाफ लड़ने के लिए गठबंधन में शामिल होने का न्योता दिया.
हुमायूं कबीर ने कहा, “मैं 22 दिसंबर को अपनी नई पार्टी के नाम की घोषणा करूंगा. मेरी पार्टी असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के साथ गठबंधन करेगी. मैंने इस मुद्दे पर ओवैसी साहब से पहले ही बात कर ली है. उन्होंने मुझे आगे की बातचीत के लिए हैदराबाद आने को कहा है.”
मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखने के एक दिन बाद हुमायूं कबीर का यह बयान आया है. कबीर ने कहा, “एआईएमआईएम के साथ गठबंधन पक्का हो गया है. मैं सीपीआई (एम), आईएसएफ और कांग्रेस का भी स्वागत करता हूं ताकि हम केंद्र में भाजपा और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ मिलकर लड़ सकें. एक बार गठबंधन फाइनल हो जाने के बाद हम सीट-शेयरिंग पर बातचीत कर सकते हैं.”
2021 के राज्य विधानसभा चुनावों में सीपीआई एम के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस ने नए बने इंडियन सेक्युलर फ्रंट के साथ चुनावी गठबंधन किया था. हालांकि गठबंधन का प्रदर्शन बहुत खराब रहा था जिसमें लेफ्ट और कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाए थे, जबकि आईएसएफ को 294 सीटों पश्चिम बंगाल असेंबली में सिर्फ एक सीट मिली थी.
हुमायूं कबीर की पार्टी अभी लॉन्च नहीं हुई है. इससे पहले लेफ्ट और कांग्रेस ने बंगाल में अपना अलायंस खत्म करने और अलग-अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया है.
सूत्रों ने कहा कि सीपीआई (एम) ने पहले ही कबीर के संगठन के साथ किसी भी चुनावी अलायंस से इनकार कर दिया है क्योंकि नेताओं ने दावा किया है कि वह भाजपा के एजेंट के अलावा कुछ नहीं हैं.
