2000 रूपए के नोटों को वापस लेने का फैसला क्यों किया गया?
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2000 रुपये के नोट को पहली बार 2016 में आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 24(1) के तहत पेश किया गया था.
500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण के बाद अर्थव्यवस्था की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 2000 के करेंसी नोट को पेश किया गया था.
जैसे ही अन्य मूल्यवर्ग के बैंक नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो गए, आरबीआई ने 2018-19 में 2000 के नोटों की छपाई बंद कर दी.
यह बात भी सामने आई है कि लोग नियमित लेन-देन के लिए 2,000 रुपये के नोट पर निर्भर नहीं हैं. लेनदेन में छोटे नोट ज्यादा प्रचलन में है.
RBI ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि 23 मई से 30 सितंबर तक किसी भी बैंक में एक बार में Rs 20,000 तक के 2000 के नोट बदलवाए जा सकेंगे.
यहां यह स्पष्ट कर देना जरुरी है कि लेनदेन और अन्य भुगतानों के लिए 2000 रुपये के नोटों का उपयोग जारी रहेगा. हालांकि, सितंबर के अंत तक 2000 रुपये के नोटों को एक्सचेंज कर लेने की सलाह दी गई है.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
