मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू वार्ड में आग लगने से 10 नवजातों की मौत के मामले में क्या बोले यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य?

Keshav Prasad Maurya (1)

फोटो: आईएएनएस

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वाराणसी | उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने झांसी के ‘महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज’ में हुए हादसे को पीड़ादायक बताया है. उन्होंने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और निष्पक्षता से मामले की जांच कराई जाएगी.

शुक्रवार की रात झांसी में ‘महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज’ में शुक्रवार को एनआईसीयू वार्ड में आग लगने से 10 नवजातों की मौत हो गई. वहीं, करीब 47 नवजातों को बचा लिया गया.

आईएएनएस से बात करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने झांसी हादसे पर शोक प्रकट किया है और इसको पीड़ादायक और दर्दनाक घटना बताया. उन्होंने कहा, इस घटना से सरकार बहुत चिंतित है. इस प्रकार की घटना को रोकने के लिए प्रदेश की सभी चिकित्सा संस्थानों के निरीक्षण और समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है.

उन्होंने आगे कहा कि झांसी की घटना पर मुख्यमंत्री योगी और प्रधानमंत्री मोदी ने चिंता जाहिर की है और पीड़ित परिवार तक अपनी संवेदना पहुंचाई है. वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वयं जिम्मेदार अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया है. घटना की त्रिस्तरीय जांच कराई जा रही है, जो भी दोषी होंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी.

इस घटना पर समाजवादी प्रमुख और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि निश्चित रूप से उनका हर आचरण बचकाना होता है. कोई भी चिकित्सा संस्थान, मेडिकल कॉलेज या सरकार यह नहीं चाहेगी की ऐसी घटना हो. लेकिन यह सच है कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और सरकार ने इस पर तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है. जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके हिसाब से दोषियों पर कार्रवाई होगी.

सपा प्रमुख पर तंज कसते हुए उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश यादव ने 2012 से 2017 तक पूरी चिकित्सा व्यवस्था को बर्बाद करने का काम किया था. वो हर क्षेत्र में नाकाम मुख्यमंत्री के रूप में याद किए जाएंगे. ऐसे मामलों में राजनीतिक टिप्पणी करने के लिए उनको शर्मिंदा होना चाहिए.

इससे पहले अखिलेश यादव ने हादसे को बेहद दुखद एवं चिंताजनक बताते हुए लिखा कि आग का कारण ‘ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर’ में आग लगना बताया जा रहा है. यह सीधे-सीधे चिकित्सा प्रबंधन व प्रशासन की लापरवाही का मामला है या फिर खराब क्वालिटी के ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का. इस मामले में सभी जिम्मेदार लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई हो.

आईएएनएस

 


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