माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर ठप होने पर क्या बोले भारतीय साइबर एक्सपर्ट?
नई दिल्ली | माइक्रोसॉफ्ट की ग्लोबल क्लाउड सर्विस में आई खराबी के कारण हवाई अड्डों पर उड़ानों में देरी हो रही है. इस खराबी के कारण भारत भी प्रभावित हुआ है. कई हवाई अड्डों पर फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ी है. इस स्थिति से निपटने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू को बयान जारी करना पड़ा है. साइबर एक्सपर्ट्स ने इस मामले की ग्लोबल जांच की मांग की है.
साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट किसी भी आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का बैकबोन है. यह सिर्फ एक कंपनी या देश के ऊपर अटैक नहीं है, बल्कि यह कई तरह के बिजनेस को प्रभावित करेगा. इससे एयरलाइन, हेल्थकेयर, रेलवे और हो सकता है कि आपकी बिजली भी प्रभावित होना शुरू हो जाए. इससे दुनिया में मल्टी ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है.
उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट ने इस समस्या की जड़ में तकनीकी खामी बताई है, लेकिन क्लाउड सर्वर इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि वह कभी ऐसे काम करना बंद नहीं करता. ग्लोबल स्तर पर जांच होनी चाहिए. यूएस और माइक्रोसॉफ्ट हमेशा इस बात का बहाना बनाएंगे कि यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है और हम आपको जांच नहीं करने दे सकते. लेकिन इस समय यह कई देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है. अगर अनेक देश प्रभावित हो रहे हैं तो ग्लोबल स्तर पर जांच होनी चाहिए.
उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट के विकल्प को विकसित करने पर जोर डालते हुए कहा, “अभी तक हम लोग माइक्रोसॉफ्ट को आंख बंद कर फॉलो कर लेते थे लेकिन अब लोग चाहेंगे कि कोई दूसरी कंपनी भी हो. सिर्फ एक ही कंपनी पर पूरी निर्भरता ना हो. इस निर्भरता से अचानक पूरी दुनिया घुटनों पर आ जाएगी. यह भी देखना होगा कि क्या माइक्रोसॉफ्ट इस मामले में पेनाल्टी देगा? यदि हां, तो क्या वह सभी देशों में पेनाल्टी देगा? फिलहाल इस पर कुछ भी साफ नहीं है, इसलिए अब प्रक्रिया और पॉलिसी दोनों बदलेंगी. सरकार के नियम इस ओर बदलेंगे कि इस तरह की घटनाओं में किसे जिम्मेदारी लेने की जरूरत है.”
इस मामले पर एक और साइबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल ने कहा कि साइबर सुरक्षा में सेंध का ग्लोबल मामला सामने आया है. कहीं ना कहीं इसे साइबर आतंक के मामले से भी जोड़ा जा सकता है. पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है. इसके पीछे का उद्देश्य बस यही है कि लोगों के अंदर डर और दहशत फैले. कहीं ना कहीं लोग सरकार पर भी सवाल उठा रहे हैं. इसका कारण सरकार नहीं, बल्कि हम लोग हैं, जो साइबर सुरक्षा के महत्व को भूल गए हैं.
IANS
