वायनाड में फिर आफत! टनल प्रोजेक्ट साइट पर भीषण भूस्खलन, मलबे में दबे कई लोग, सामने आया बेहद खौफनाक VIDEO

Wayanad Landslide

मौके पर कई एजेंसियों का बड़ा बचाव अभियान जारी है / (फोटो क्रेडिट : आईएएनएस)

The Hindi Post

वायनाड में फिर आफत! टनल प्रोजेक्ट साइट पर भीषण भूस्खलन, मलबे में दबे कई लोग, सामने आया बेहद खौफनाक VIDEO

 

तिरुवनंतपुरम/वायनाड | केरल के वायनाड में मंगलवार को मेप्पाडी-कल्लाडी सुरंग निर्माण स्थल पर एक बड़ा भूस्खलन (मिट्टी धंसने) होने से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग अभी भी लापता हैं. इस हादसे में घायल सात अन्य लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमें भारी अर्थ-मूविंग मशीनों और खोजी कुत्तों (स्निफर डॉग्स) की मदद से बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं.

अधिकारियों ने बताया कि मलबे के नीचे दबे लापता श्रमिकों की तलाश के लिए बचाव अभियान रातभर जारी रहेगा. इस घटना के संबंध में मेप्पाडी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

इंसान जनित आपदा का आरोप
यह दुखद हादसा कल्लाडी में मीनाक्षी पुल के पास हुआ. यहां टनल रोड प्रोजेक्ट के वायनाड छोर का निर्माण चल रहा है. प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के कारण साइट पर जमा की गई खुदाई की विशाल मिट्टी धंस गई, जिसने कार्यस्थल के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया. गौरतलब है कि पिछले 24 घंटों में मेप्पाडी में रिकॉर्ड 226 मिमी बारिश दर्ज की गई है.

भूस्खलन के चलते एक चर्च और पास का एक मकान भी मलबे में बह गए. गनीमत रही कि घर के लोग मक्का की तीर्थयात्रा पर गए थे और चर्च भी उस वक्त खाली था. इससे बड़ा नुकसान टल गया.

केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्थिति की जानकारी दी. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल से खुदाई की गई मिट्टी को हटाने के निर्देशों का पालन नहीं किया गया यह एक गंभीर लापरवाही है. राज्य के कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने भी प्रारंभिक निष्कर्षों का हवाला देते हुए कहा, “यह प्राकृतिक भूस्खलन नहीं, बल्कि एक मानव निर्मित आपदा है।”


राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की और बचाव कार्य में सभी उपलब्ध एजेंसियों को लगाने के निर्देश दिए. उन्होंने राजस्व मंत्री ए.पी. अनिल कुमार और कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी को जमीनी स्तर पर राहत कार्यों की निगरानी के लिए वायनाड भेजा है. विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने भी इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने की मांग की है.

कांग्रेस नेता और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और यूडीएफ कार्यकर्ताओं व आम जनता से जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सहायता करने की अपील की है.

लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री पी.के. बशीर ने बताया कि अधिकारियों ने 25 जून को ही साइट का निरीक्षण कर कंपनी को सुरक्षा उपाय करने और मिट्टी हटाने के निर्देश दिए थे लेकिन वादे के मुताबिक काम नहीं किया गया.

एहतियातन स्कूल-कॉलेज बंद
सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन प्रभावित क्षेत्र के आस-पास रहने वाले लगभग 400 परिवारों में से जोखिम वाले परिवारों को राहत शिविरों में स्थानांतरित करने की योजना बना रहा है. इसके साथ ही, वायनाड के सभी शैक्षणिक संस्थानों में बुधवार को छुट्टी घोषित कर दी गई है.

IANS

वायनाड में भूस्खलन मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हुई, प्रियंका गांधी ने लोगों से बचाव कार्यों में मदद की अपील की

 


The Hindi Post

You may have missed

error: Content is protected !!