भीषण आग लगने से हाहाकार: 8 मकान और 6 अन्न भंडार जलकर खाक, तीन गायों की दर्दनाक मौत
सांकेतिक तस्वीर (AI Photo - ChatGPT)
भीषण आग लगने से हाहाकार: 8 मकान और 6 अन्न भंडार जलकर खाक, तीन गायों की दर्दनाक मौत
उत्तरकाशी | विकास खंड मोरी के सुदूरवर्ती गांव फिताड़ी में बीती रात भीषण आग लगने से भारी तबाही मच गई. आग ने मात्र कुछ घंटों में 8 आवासीय घरों और 6 अन्न भंडारों को पूरी तरह जलाकर राख कर दिया. साथ ही तीन गायों की भी जलकर दर्दनाक मौत हो गई.
रात करीब 11 बजे लगी इस आग की सूचना मिलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती गई.
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने तुरंत एसडीआरएफ, राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस टीमों को मौके पर भेजा. राहत एवं बचाव दलों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. प्रशासन ने बताया कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है लेकिन प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है.
डीएम प्रशांत आर्य स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया. उन्होंने कहा, “इस कठिन समय में प्रशासन आपके साथ पूरी मजबूती से खड़ा है. हर संभव मदद की जाएगी.” प्रशासन द्वारा तत्काल राहत सामग्री पहुंचाई गई, जिसमें टेंट, तिरपाल, बर्तन सेट, गैस चूल्हा, कंबल, गद्दे, हाईजीन किट, सोलर लाइट और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं. प्रभावित परिवारों के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालय फिताड़ी में राहत शिविर स्थापित कर रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है.
क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश्वर लाल भी देर रात गांव पहुंचे. उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात कर सरकार की ओर से हर संभव आर्थिक और पुनर्वास सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया.
डीएम और विधायक ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं. ग्रामीणों ने गांव में पानी की स्थायी व्यवस्था की मांग की. जिलाधिकारी ने तुरंत पानी के टैंक निर्माण के निर्देश दिए और कहा कि यह टैंक न सिर्फ आग जैसी आपदाओं में काम आएगा, बल्कि गांव को नियमित पेयजल भी उपलब्ध कराएगा. उन्होंने इसे अगली जिला योजना में प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए.
प्रभावित परिवारों को अहेतुक सहायता राशि तुरंत वितरित कर दी गई. शीघ्र ही मकान बनाने के लिए अतिरिक्त आर्थिक मदद भी दी जाएगी.
उत्तराखंड : फिताड़ी आग त्रासदी में 8 मकान और 6 अन्न भंडार जलकर खाक, तीन गायों की दर्दनाक मौत
