उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में से एक शहीद अशफाक उल्ला खा प्राणि उद्यान, गोरखपुर का निर्माण अपने अन्तिम चरण में है और इसके दर्शको के लिए जल्द ही खोले जाने की सम्भावना है |
निदेशक, प्राणि उद्यान गोरखपुर, डॉ राजमोहन ने बताया कि नवनिर्मित प्राणिउद्यान में विभिन्न प्राणि उद्यानों से कुल 58 प्रजातियों के वन्य प्राणियों को रखा जाना प्रस्तावित है, जिसके लिए कुल 33 बाड़ों का निर्माण कराया गया है। इसके दृष्टिगत वन्य प्राणियों का स्थानांतरण चरणबद्ध तरीके से किया जाना प्रस्तावित है।
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इस क्रम में गुरुवार से प्राणि उद्यान हेतु प्रथम चरण के वन्य जीवों का स्थानांतरण प्रारम्भ किया गया।
गोरखपुर वन प्रभाग के तिलकोनिया रेंज में स्थित विनोद वन से 02 नर चीतल हिरण व 01 मादा पाढ़ा हिरण के स्थानांतरण की प्रक्रिया वन्य जीव विशेषज्ञ, पशुपालन विभाग, डा आरके सिंह, डा योगेश प्रताप सिंह, पशु चिकित्साधिकारी, प्राणि उद्यान गोरखपुर के निर्देशन में गुरुवार प्रातः सफलतापूर्वक पूर्ण की गयी।
तत्पश्चात वन्य प्राणियों को उनके सम्बन्धित बाडे के क्राल में केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, नई दिल्ली की गाइड लाइन के अनुसार क्वैरेन्टाइन में रखा गया है।
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वन्य प्राणियों को क्राल में छोड़ते समय उपरोक्त अधिकारियों के अतिरिक्त संजय कुमार मल्ल, उप प्रभागीय वनाधिकारी, प्राणि उद्यान गोरखपुर, डीबी सिंह, अपर परियोजना प्रबन्धक, राजकीय निर्माण निगम, राजीव कुमार श्रीवास्तव, प्रशासनिक अधिकारी, अजय कुमार तिवारी उपराजिक, चंद्रभूषण पासवान, उपराजिक, रोहित सिंह वन दरोगा, शैलेश कुमार गुप्ता, वन्य जीव रक्षक, नीरज सिंह, वन्य जीव रक्षक सहित अन्य कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे|