भीषण घटना: जोरदार ब्लास्ट में उड़ गए लोगों के चीथड़े, तीन की मौत, कई घायल
सागरपारा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत खैरतला गांव में तीन लोगों की मौत हो गई है जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए है. कहा जा रहा है कि देशी बम बनाते समय विस्फोट हुआ था. इससे लोगों की जान चली गई. यह घटना पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में सोमवार तड़के घटी.
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जिस मकान में धमाका हुआ है उसमें देशी बम बनाए जा रहे थे. विस्फोट इतना जबरदस्त था कि मकान की छत ढह गई और पूरा घर मलबे में बदल गया. घटना के बाद राहत कार्य के दौरान तीन शव बरामद हुए.
घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. इसके बाद सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया.
जिला पुलिस के सूत्रों ने बताया कि जब पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो उन्होंने मलबे में लोगों के शव देखे. विस्फोट के कारण मृतकों के शरीर के कुछ अंग इधर-उधर पड़े थे.
मृतकों की पहचान मुस्तकिन शेख, सगीरुल सरकार और मामून मोल्ला के रूप में हुई है. तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है.
Bomb making looks like cottage industry in West Bengal under the present regime.
Three people, Mamun Molla, Sakirul Sarkar, and Mustakin Sk, died in a bomb blast while bomb-making at Mamun’s house in Khoertala, Murshidabad. The incident caused panic, and a heavy police presence… pic.twitter.com/bt2DUnKH5p
— Oxomiya Jiyori 🇮🇳 (@SouleFacts) December 9, 2024
हालांकि, मृतकों के परिवार के लोगों ने इस आरोप को खारिज कर दिया है कि देशी बम में विस्फोट से यह घटना घटी है. उन्होंने दावा किया कि अज्ञात बदमाशों द्वारा कच्चे बमों से हमला करने से लोगों की मौत हुई है.
हालांकि पुलिस के अनुसार, जांच अधिकारियों ने इन दावों को खारिज कर दिया है कि अज्ञात बदमाशों ने बमों से हमला किया था. पुलिस ने दावा किया कि यह साधारण मामला नहीं है. पुलिस को जांच के दौरान यह नहीं लगा कि बमों से हमला किया गया था.
पुलिस इस समय मौके पर जांच कर रही है और बम बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान की तलाश कर रही है. पुलिस सूत्रों ने कहा कि उन लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा जो देशी बम बनाने का काम करते है.
इससे पहले भी पश्चिम बंगाल के कई जिलों में अवैध तरीके से बम बनाए जाने के मामलों में लोगों की जान जा चुकी है. फिलहाल, मौजूदा स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसबलों को तैनात कर दिया गया है.
इससे पहले 7 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के खैरासोल में एक निजी संस्था के स्वामित्व वाली कोयला खदान में भीषण विस्फोट में कम से कम सात खनिकों की मौत हो गई थी और सात अन्य घायल हो गए थे.
उस वक्त बचाव कार्य में लगे एक अधिकारी ने बताया था कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि कोयला उत्खनन के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन किए बिना विस्फोट किया गया. इसके परिणामस्वरूप यह दुर्घटना हुई.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
(इनपुट्स: आईएएनएस)
