कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत, वजह आई सामने
सांकेतिक तस्वीर
भोपाल | मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से बुरी खबर सामने आई है. यहां एक और चीते की मौत हो गई है. दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों में से अब तक तीन चीतों की मौत हो चुकी है.
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) जसवीर सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया है कि दक्षिण अफ्रीका से लाकर यहां कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ी गई मादा चीता ‘दक्षा’ मॉनिटरिंग दल को 9 मई (मंगलवार) को पौने ग्यारह बजे घायल अवस्था में मिली. पशु चिकित्सकों द्वारा उसका उपचार भी किया गया पर उसे बचाया नहीं जा सका. दोपहर 12 बजे उसकी मौत हो गई.
अधिकारी के अनुसार, दक्षा को बाड़ा नंबर एक में छोड़ा गया था. इसी बाड़े में दो नर चीतों – वायु और अग्नि को भी छोड़ा गया था. दरअसल, दक्षा और नर चीतों के बीच संभोग की क्रिया हो सके इसलिए इनको एक बाड़े में छोड़ा गया था. लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि संभोग की प्रक्रिया के दौरान नर चीते हिंसक हो गए. अधिकारी के अनुसार, यह “एक सामान्य बात” है.
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) जसवीर सिंह चौहान ने कहा कि इस दौरान दक्षा घायल हो गई होगी.
इससे पहले साशा (नामीबियाई) और उदय (दक्षिण अफ्रीका) की क्रमश: 27 मार्च और 23 अप्रैल को मौत हो गई थी. इस तरह अब तक कुल तीन चीतों की मौत हो चुकी है.
बता दे कि नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से स्थानांतरित किए गए कुल 20 चीतों को – सितंबर और फरवरी के महीनों में कूनो राष्ट्रीय उद्यान में स्थानांतरित किया गया था. दक्षिण अफ्रीका से चीतों का दल लाकर यहां पुर्नवास के प्रयास हो रहे है. उन चीतों में से अब तक तीन चीतों की मौत हो चुकी है.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
(इनपुट्स: आईएएनएस)
