यह जेल है या लक्जरी लॉज? संदिग्ध आतंकी, कुख्यात अपराधी मोबाइल फोन चलाते दिखे

criminal talking on phone inside bengaluru central jail Nov 8 and 9 (1)

वायरल वीडियो से लिया गया स्क्रीनग्रैब (फोटो: आईएएनएस)

The Hindi Post

यह जेल है या लक्जरी लॉज? संदिग्ध आतंकी, कुख्यात अपराधी मोबाइल फोन चलाते दिखे

 

बेंगलुरु | कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु की परप्पाना अग्रहरा सेंट्रल जेल में गंभीर सुरक्षा चूक और वीआईपी ट्रीटमेंट के आरोपों ने जेल प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है.

सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई वीडियो में कुछ कुख्यात अपराधियों को जेल के अंदर मोबाइल फोन इस्तेमाल करते और अनुचित सुविधाओं का लाभ उठाते हुए देखा गया है.

इन वीडियो में कई खतरनाक कैदी नजर आ रहे हैं — जिनमें सीरियल रेपिस्ट और किलर उमेश रेड्डी, संदिग्ध आतंकी और गोल्ड स्मगलिंग के आरोपी शामिल हैं. इन खुलासों ने कर्नाटक जेल विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस पर “जांच कर कड़ी कार्रवाई करेगी.”

इन वीडियो के सामने आने के बाद जेल के भीतर भ्रष्टाचार, नियमों की अनदेखी और लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं. यह वही जेल है जिसे राज्य की उच्च-सुरक्षा जेलों में से एक माना जाता है.

 

उमेश रेड्डी: जेल के अंदर मोबाइल फोन पर सक्रिय

उमेश रेड्डी जिसे 1996 से 2022 के बीच 20 महिलाओं से बलात्कार और 18 हत्याओं के मामलों में दोषी ठहराया गया था, वायरल वीडियो में दो एंड्रॉइड और एक कीपैड फोन का इस्तेमाल करते हुए देखा गया.

रेड्डी को फांसी की सजा सुनाई गई थी लेकिन 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने उसकी सजा को बदलकर 30 साल की सख्त कैद (बिना किसी रियायत के) कर दिया.

उसने खुद को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताकर दया याचिका दायर की थी लेकिन निमहांस (NIMHANS) अस्पताल की जांच में उसे मानसिक रूप से स्वस्थ पाया गया.

 

गोल्ड स्मगलिंग केस में आरोपी अभिनेता तरुण राजू को विशेष सुविधाएं

सूत्रों के अनुसार, तेलुगु अभिनेता तरुण राजू, जो रन्या राव गोल्ड स्मगलिंग केस में गिरफ्तार हैं, जेल में “बिंदास जिंदगी” जी रहे हैं. उनके पास मोबाइल फोन और टेलीविजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं.

तरुण ने 2018 की तेलुगु फिल्म परिचयम और कुछ तमिल फिल्मों में अभिनय किया है. वह रान्या राव के करीबी सहयोगी है. तरुण को कथित तौर पर जिनेवा भागने की कोशिश करते समय गिरफ्तार किया गया था.

जांच एजेंसियों ने उनकी पहचान सोने की तस्करी करने वाले नेटवर्क के मास्टरमाइंड के रूप में की है, जो कथित तौर पर दुबई में रान्या राव को सोना सप्लाई करता था.

वहीं, रन्या राव, जो एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की बेटी हैं, पर आरोप है कि उन्होंने अपने पारिवारिक प्रभाव और पुलिस वाहन का इस्तेमाल कर इस अवैध नेटवर्क को सहायता पहुंचाई.

 

राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल

रिपोर्टों के अनुसार, वायरल वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा और अन्य कुछ देशी-विदेशी चरमपंथी संगठनों के संदिग्ध सदस्यों को भी स्मार्टफोन पर बातचीत करते हुए देखा गया है.

यह मामला न केवल जेल प्रशासन की नाकामी बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरे की घंटी है.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने टिप्पणी की, “यह जेल है या लक्जरी लॉज?” — यह टिप्पणी उस लापरवाही के स्तर को दर्शाती है जो वीडियो में उजागर हुई है.

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब सुप्रीम कोर्ट पहले ही जेलों में लक्जरी सुविधाओं पर रोक लगाने के निर्देश दे चुका है. यह आदेश कन्नड़ अभिनेता दर्शन फैन मर्डर केस की सुनवाई के दौरान जारी किया गया था.

 

IANS


The Hindi Post

You may have missed

error: Content is protected !!